पंजाब , 09 जून् 2026 । पंजाब में आज राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की बड़ी कार्रवाई देखने को मिली। NIA की टीम ने आज पंजाब और हरियाणा में 18 जगहों पर एक साथ रेड की। यह कार्रवाई पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्टी से जुड़े संदिग्ध नेटवर्क, उसके सहयोगियों और संभावित संपर्कों की जांच के सिलसिले में की गई।
सूत्रों के अनुसार, NIA की टीमों ने स्थानीय पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के सहयोग से विभिन्न शहरों और जिलों में एक साथ तलाशी अभियान चलाया। जांच एजेंसी का मुख्य उद्देश्य नेटवर्क की गतिविधियों, वित्तीय लेन-देन, संचार माध्यमों और भारत में मौजूद संभावित सहयोगियों के बारे में जानकारी जुटाना है।
इस दौरान NIA टीम ने कई लोगों से पूछताछ की और डिजिटल उपकरण व दस्तावेज भी जब्त किए। कई डिजिटल डिवाइस और दस्तावेज भी जब्त किए, साथ ही एजेंसी की नजर में आए लोगों के कम्युनिकेशन नेटवर्क, पैसों के लेन-देन और गतिविधियों से जुड़ी जानकारी भी हासिल की। बताया जा रहा है कि, सभी सबूतों को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है। इस जांच के बाद बॉर्डर पार से बड़ी साजिश का खुलासा हो सकता है। गैंगस्टर से आतंकवादी बने भट्टी द्वारा बॉर्डर पार से चलाए जा रहे नेटवर्क के पीछे की बड़ी साज़िश का पता लगाने के लिए NIA की चल रही जांच के तहत, कुछ लोगों को आगे की पूछताछ में शामिल होने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं।
तलाशी के दौरान कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, मोबाइल फोन, डिजिटल दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण सामग्री की जांच की गई। एजेंसी इन साक्ष्यों का विश्लेषण कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि नेटवर्क की गतिविधियां किस स्तर तक फैली हुई थीं और उसके तार किन-किन लोगों से जुड़े हो सकते हैं।
जांच अधिकारियों का मानना है कि सीमा पार बैठे अपराधी और उनके सहयोगी सोशल मीडिया, इंटरनेट कॉलिंग और अन्य डिजिटल माध्यमों का उपयोग कर भारत में अपने नेटवर्क को सक्रिय रखने की कोशिश करते हैं। ऐसे मामलों में वित्तीय लेन-देन और डिजिटल कम्युनिकेशन की जांच अहम भूमिका निभाती है।
सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, सीमा पार संचालित आपराधिक नेटवर्क केवल आर्थिक अपराधों तक सीमित नहीं रहते, बल्कि वे युवाओं को प्रभावित करने, धमकी, वसूली और संगठित अपराध जैसी गतिविधियों में भी शामिल हो सकते हैं। इसी कारण राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियां ऐसे नेटवर्क पर लगातार नजर बनाए रखती हैं।
फिलहाल NIA द्वारा जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच की जा रही है। एजेंसी इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि नेटवर्क के सदस्य किन माध्यमों से संपर्क में थे और उनकी गतिविधियों का दायरा कितना व्यापक था। आने वाले दिनों में जांच के आधार पर नए खुलासे और आगे की कार्रवाई संभव मानी जा रही है।