दिल्ली के शास्त्री पार्क फर्नीचर मार्केट में लगी भीषण आग, 300 से अधिक दुकानें जलकर खाक
नई दिल्ली, 23 मई 2026 । दिल्ली के शास्त्री पार्क इलाके स्थित फर्नीचर मार्केट में देर रात भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते पूरा बाजार धुएं और लपटों से घिर गया। हादसे में 300 से ज्यादा दुकानें जलकर राख हो गईं, जिससे करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
उप मुख्य दमकल अधिकारी डी.बी. मुखर्जी ने बताया कि दिल्ली दमकल सेवा को रात 11:57 बजे आग लगने की सूचना मिली, जिसके बाद तुरंत टीमों को उस इलाके में भेजा गया। मुखर्जी ने पत्रकारों से कहा, दमकल नियंत्रण कक्ष को रात 11:57 बजे आग लगने की सूचना मिली। आग बहुत बड़े इलाके में फैल गई थी, और बाजार भी काफी विशाल है। यहां मुख्य रूप से लकड़ी के फर्नीचर, प्लाईवुड और इसी तरह की अन्य सामग्रियों का व्यापार होता है। कुल मिलाकर, अब तक लगभग 25 से 30 दमकल गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंच चुकी हैं। फिलहाल, आग पर काबू पा लिया गया है-हमें इस बात की पुष्टि मिल गई है।
मौके पर पहुंची दमकल विभाग की कई गाड़ियों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाने की कोशिश की। संकरी गलियों और बाजार में रखे लकड़ी तथा फर्नीचर के सामान के कारण आग तेजी से फैलती चली गई। आग की ऊंची लपटें दूर-दूर तक दिखाई दीं, जिससे आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल बन गया।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है, हालांकि अधिकारियों ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। राहत की बात यह रही कि घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि आग इतनी भयानक थी कि कई दुकानदार अपना सामान तक नहीं बचा सके। दमकल कर्मियों को आग बुझाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, क्योंकि बाजार में ज्वलनशील सामग्री बड़ी मात्रा में मौजूद थी। प्रशासन ने आसपास के क्षेत्रों को खाली कराकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी।
इस घटना के बाद बाजार के व्यापारियों में भारी नाराजगी देखने को मिली। उनका कहना है कि फायर सेफ्टी इंतजामों की कमी और अव्यवस्थित बिजली व्यवस्था के कारण इस तरह की घटनाएं बार-बार सामने आती हैं। व्यापारियों ने सरकार से नुकसान की भरपाई और बाजार में बेहतर सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की है।