बिक्रम मजीठिया का बड़ा दावा, बोले- संजीव अरोड़ा से जुड़े अकाउंट और संपत्तियां ED की जांच के दायरे में

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पंजाब  , 09 मई 2026 । बिक्रम सिंह मजीठिया ने बड़ा राजनीतिक बयान देते हुए दावा किया है कि Sanjeev Arora से जुड़े कई बैंक अकाउंट और संपत्तियां अब प्रवर्तन निदेशालय यानी ED की जांच के घेरे में हैं। मजीठिया ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह मामला अभी शुरुआती चरण में है और “पिक्चर अभी बाकी है”, जिससे पंजाब की राजनीति में नई हलचल पैदा हो गई है।

बिक्रम मजीठिया ने आगे लिखा, ”ED को शक है कि FEMA नियमों का उल्लंघन करके संबंधित विदेशी एंटिटी के जरिए फंड की राउंड-ट्रिपिंग की गई है। विदेशी एंटिटी फोर्टबेल टेलीकॉम FZCO कथित तौर पर फोर्टबेल गैजेट्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ी थी, जिसके बारे में कहा जाता है कि वह हेमंत सूद और चंद्रशेखर से जुड़ी है। ED ने संजीव अरोड़ा को हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड का डायरेक्टर, प्रमोटर और बड़ा शेयरहोल्डर बताया, जो जांच के दायरे में आया। ये भी खबर मिली है कि, एक्सिस बैंक, SBI, HDFC, ICICI और कोटक महिंद्रा समेत कई बैंक अकाउंट ED के अटैचमेंट में आ गए हैं।

मजीठिया ने आरोप लगाया कि वित्तीय लेनदेन और संपत्तियों से जुड़े कई पहलुओं की केंद्रीय एजेंसियों द्वारा जांच की जा रही है। हालांकि उन्होंने विस्तृत दस्तावेज सार्वजनिक नहीं किए, लेकिन दावा किया कि आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे हो सकते हैं। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।

वहीं दूसरी ओर संजीव अरोड़ा या उनके समर्थकों की ओर से इन आरोपों को लेकर प्रतिक्रिया आने का इंतजार किया जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पंजाब में पहले से ही विभिन्न मुद्दों को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म है और ऐसे आरोप-प्रत्यारोप आने वाले समय में और तेज हो सकते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार जब किसी राजनीतिक व्यक्ति से जुड़े वित्तीय मामलों में ED जैसी एजेंसियों का नाम सामने आता है, तो मामला तुरंत राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन जाता है। हालांकि किसी भी जांच में अंतिम निष्कर्ष एजेंसी की आधिकारिक रिपोर्ट और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही सामने आता है।

पंजाब की राजनीति में बिक्रम मजीठिया अपने आक्रामक बयानों के लिए जाने जाते हैं और वे कई बार विरोधी नेताओं पर गंभीर आरोप लगा चुके हैं। उनके ताजा बयान को भी विपक्षी राजनीति की बड़ी रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।

फिलहाल इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं और सभी की नजरें अब संभावित जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। यदि मामले में आधिकारिक स्तर पर कोई पुष्टि होती है तो यह पंजाब की राजनीति में बड़ा असर डाल सकता है।

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