बेअदबी कानून को लेकर बढ़ी सियासी और धार्मिक हलचल, अकाल तख्त साहिब में कुलतार सिंह संधवां से हुई अहम बैठक
अमृतसर, 08 मई 2026 । कुलतार सिंह संधवां को बेअदबी कानून से जुड़े मुद्दे पर अकाल तख्त साहिब में तलब किए जाने के बाद पंजाब की राजनीति और धार्मिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। इस मुद्दे को लेकर अकाल तख्त साहिब में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें धार्मिक भावनाओं, कानून व्यवस्था और प्रस्तावित कानूनी प्रावधानों पर चर्चा की गई।
इस मीटिंग के बाद मीडिया से बात करते हुए कुलतार सिंह संधवां ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब और श्री गुरु ग्रंथ साहिब सिख पंथ के लिए सबसे ऊंचा स्थान रखते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार या विधानसभा जो भी कदम उठाएगी, वे गुरु पंथ की भावनाओं और पंथ की तरक्की को ध्यान में रखकर उठाए जाएंगे।
सूत्रों के अनुसार बैठक में बेअदबी मामलों पर सख्त कानून बनाए जाने और उसकी वर्तमान स्थिति को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। धार्मिक संगठनों की ओर से इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए सरकार से स्पष्ट और प्रभावी कदम उठाने की मांग की गई। अकाल तख्त साहिब लंबे समय से बेअदबी के मामलों को लेकर कठोर कार्रवाई और मजबूत कानून की वकालत करता रहा है।
बताया जा रहा है कि बैठक के दौरान कुलतार सिंह संधवां से विधानसभा में लंबित प्रक्रियाओं, कानून की स्थिति और सरकार की मंशा को लेकर सवाल पूछे गए। धार्मिक प्रतिनिधियों ने इस बात पर जोर दिया कि लोगों की आस्था से जुड़े मामलों में देरी और राजनीतिक विवाद स्थिति को और संवेदनशील बना सकते हैं।
पंजाब में बेअदबी का मुद्दा पिछले कई वर्षों से बेहद संवेदनशील और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण रहा है। विभिन्न धार्मिक संगठनों और राजनीतिक दलों ने समय-समय पर इस विषय पर अलग-अलग रुख अपनाए हैं। ऐसे में अकाल तख्त साहिब में हुई यह बैठक आने वाले समय में राजनीतिक और धार्मिक स्तर पर बड़ा असर डाल सकती है।
विश्लेषकों का मानना है कि पंजाब सरकार पर अब बेअदबी कानून को लेकर स्पष्ट रणनीति पेश करने का दबाव बढ़ सकता है। वहीं धार्मिक संगठनों की सक्रियता से यह मुद्दा फिर राज्य की राजनीति के केंद्र में आता दिखाई दे रहा है।
बैठक के बाद फिलहाल आधिकारिक तौर पर विस्तृत बयान सामने नहीं आया है, लेकिन माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस विषय पर और बैठकों तथा चर्चाओं का दौर जारी रह सकता है।