जय बदरी विशाल’ के जयकारों के बीच खुले कपाट, भक्तों में उत्साह की लहर

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उत्तराखंड , 23 अप्रैल 2026 । हिमालय की वादियों में एक बार फिर भक्ति की गूंज सुनाई दी, जब बद्रीनाथ धाम के कपाट विधि-विधान के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। “जय बदरी विशाल” के जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा और हजारों श्रद्धालु इस पावन क्षण के साक्षी बने।

इस दौरान देश-विदेश से आए हजारों श्रद्धालु मंदिर परिसर में मौजूद रहे। मंदिर के कपाट खुलने के मौके पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तथा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट भी मौजूद थे। कपाट खुलने के दौरान पूरा वातावरण ढोल-नगाड़ों व सेना के बैंड की मधुर धुनों और हजारों की संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं के ‘जय बदरी विशाल’ के जयकारों से भक्तिरस से सराबोर हो उठा।

हर साल की तरह इस बार भी मंदिर के कपाट खुलने की प्रक्रिया पारंपरिक रीति-रिवाजों और विशेष पूजा-अर्चना के साथ संपन्न हुई। मंदिर को फूलों से भव्य रूप से सजाया गया था और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच मुख्य द्वार खोला गया। इस मौके पर देशभर से आए श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिला।

बद्रीनाथ धाम, चार धाम यात्रा का एक प्रमुख केंद्र है और इसे भगवान विष्णु के पवित्र धामों में गिना जाता है। कपाट खुलने के साथ ही उत्तराखंड में चारधाम यात्रा की रफ्तार तेज हो जाती है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को भी बड़ा बढ़ावा मिलता है।

उत्तराखंड सरकार और प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, ट्रैफिक मैनेजमेंट और आवास व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं, ताकि यात्रा सुचारु और सुरक्षित बनी रहे।

मौसम विभाग ने भी यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी है, क्योंकि पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम तेजी से बदल सकता है। वहीं, प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे पंजीकरण और निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए ही यात्रा करें।

बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही श्रद्धालुओं की आस्था का सिलसिला फिर शुरू हो गया है, जो आने वाले महीनों तक जारी रहेगा।

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