हरियाणा , 21 अप्रैल 2026 । हरियाणा सरकार ने अनुसूचित जाति (SC) कर्मचारियों के हित में बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए पदोन्नति (प्रमोशन) में आरक्षण से जुड़े निर्देशों में संशोधन किया है। इस कदम का उद्देश्य सरकारी सेवाओं में प्रतिनिधित्व को संतुलित करना और वंचित वर्गों को आगे बढ़ने के अधिक अवसर उपलब्ध कराना बताया जा रहा है।
नए प्रावधानों के अनुसार यदि किसी प्रमोशनल कैडर में अनुसूचित जाति वर्ग का वास्तविक प्रतिनिधित्व 20 प्रतिशत से कम है तो पदोन्नति कोटे के रिक्त पदों को भरते समय सबसे पहले फीडर कैडर में कार्यरत पात्र अनुसूचित जाति कर्मचारियों के नामों पर विचार किया जाएगा। यह प्रक्रिया तब तक जारी रहेगी, जब तक कि प्रतिनिधित्व में कमी (शॉर्टफॉल) पूरी नहीं हो जाती।
राज्य के कार्मिक विभाग द्वारा जारी नए निर्देशों के अनुसार, अब पदोन्नति प्रक्रिया में SC कर्मचारियों को आरक्षण का लाभ स्पष्ट रूप से सुनिश्चित किया जाएगा। यह फैसला लंबे समय से लंबित मांगों और विभिन्न न्यायिक व प्रशासनिक समीक्षा के बाद लिया गया है।
सरकार का कहना है कि यह संशोधन संवैधानिक प्रावधानों और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप है। हरियाणा सरकार के अनुसार, इस निर्णय से सरकारी विभागों में समान अवसर को बढ़ावा मिलेगा और कर्मचारियों के मनोबल में भी वृद्धि होगी।
हालांकि, इस फैसले को लेकर विभिन्न वर्गों में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ कर्मचारी संगठनों ने इसका स्वागत किया है, जबकि कुछ ने इसे लेकर पुनर्विचार की मांग भी उठाई है। विशेषज्ञों का मानना है कि पदोन्नति में आरक्षण जैसे मुद्दे कानूनी और सामाजिक दोनों दृष्टि से संवेदनशील होते हैं, इसलिए इनके क्रियान्वयन में संतुलन और पारदर्शिता जरूरी है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नए निर्देशों को लागू करने के लिए सभी विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं और जल्द ही इसका प्रभाव सरकारी नियुक्तियों और प्रमोशन प्रक्रिया में दिखाई देगा।