नई दिल्ली, 21 अप्रैल 2026 । बिहार के नेता तेज प्रताप यादव ने कांग्रेस नेतृत्व को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा है कि पार्टी को मजबूती देने के लिए प्रियंका गांधी वाड्रा की भूमिका ज्यादा प्रभावी हो सकती है। उन्होंने इशारों में कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में राहुल गांधी के नेतृत्व से अपेक्षित परिणाम नहीं मिल रहे हैं।
तेज प्रताप यादव की यह टिप्पणी राहुल गांधी के उस आरोप के जवाब में आई, जिसमें उन्होंने जनता दल (यूनाइटेड) के प्रमुख के हाल ही में राज्य की राजनीति से अलग होने के बाद नीतीश कुमार पर “समझौता” करने का आरोप लगाया था। नीतीश कुमार की जगह BJP के सम्राट चौधरी बिहार के CM बने। यह पहली बार नहीं है जब राहुल गांधी के नेतृत्व पर सवाल उठाए गए हैं। इस साल जनवरी में, कांग्रेस के पूर्व नेता शकील अहमद ने आरोप लगाया था कि कांग्रेस में “कोई आंतरिक लोकतंत्र नहीं है” और राहुल गांधी पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व को “बाहर निकालना” चाहते हैं।
हालांकि, Indian National Congress की ओर से इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन पार्टी के अंदरूनी समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि ऐसे बयान विपक्षी एकता और रणनीति पर भी असर डाल सकते हैं।
यह भी माना जा रहा है कि आगामी चुनावों को देखते हुए अलग-अलग दलों के नेता अपने-अपने नजरिए से विपक्षी राजनीति को आकार देने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में कांग्रेस के नेतृत्व को लेकर उठ रहे सवाल आने वाले समय में और ज्यादा चर्चा का विषय बन सकते हैं।
कुल मिलाकर, तेज प्रताप यादव का यह बयान केवल व्यक्तिगत राय नहीं, बल्कि विपक्षी राजनीति में नेतृत्व को लेकर चल रही बहस का हिस्सा बन गया है।