नई दिल्ली, 18 अप्रैल 2026 । राजधानी दिल्ली को स्वच्छ और आधुनिक परिवहन की दिशा में एक बड़ा तोहफा मिला है। दिल्ली की मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने 200 नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर सार्वजनिक परिवहन प्रणाली में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया। यह पहल न केवल शहर की यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करेगी, बल्कि प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में भी एक बड़ा योगदान मानी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में कहा कि इन बसों के शामिल होने से राजधानी में सार्वजनिक परिवहन के बेड़े में शामिल 6,300 बसों में से इलेक्ट्रिक बसों की संख्या 4,550 हो गई है। गुप्ता ने दिल्ली-रोहतक अंतरराज्यीय बस सेवा को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और मदनपुर खादर बस टर्मिनल एवं पूर्वी विनोद नगर डिपो में एक नए भवन का उद्घाटन किया।

इन ई-बसों के शामिल होने से दिल्ली की सड़कों पर पारंपरिक डीजल बसों की संख्या धीरे-धीरे कम होगी, जिससे वायु गुणवत्ता में सुधार होने की उम्मीद है। दिल्ली लंबे समय से प्रदूषण की समस्या से जूझ रही है, और ऐसे में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। नई बसें अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस हैं, जिनमें एयर कंडीशनिंग, जीपीएस ट्रैकिंग, सीसीटीवी कैमरे और महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष प्रावधान शामिल हैं।
सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में सार्वजनिक परिवहन को पूरी तरह से हरित और टिकाऊ बनाना है। इस दिशा में ई-बसों का यह बेड़ा एक अहम मील का पत्थर साबित हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इलेक्ट्रिक बसें न केवल पर्यावरण के लिए बेहतर हैं, बल्कि लंबे समय में ईंधन लागत को भी कम करती हैं, जिससे परिवहन व्यवस्था अधिक किफायती बनती है।
इसके अलावा, यह पहल दिल्ली में स्मार्ट सिटी और सतत विकास के लक्ष्यों को भी मजबूत करती है। सरकार द्वारा लगातार इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने से निजी वाहनों पर निर्भरता कम हो सकती है, जिससे ट्रैफिक जाम और प्रदूषण दोनों में कमी आएगी।
इस कदम को आम जनता के लिए भी राहत के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि बेहतर और स्वच्छ सार्वजनिक परिवहन से दैनिक यात्रा अधिक सुविधाजनक और सुरक्षित होगी। आने वाले समय में यदि इस योजना का विस्तार किया जाता है, तो दिल्ली देश के अन्य शहरों के लिए एक मॉडल बन सकती है।