दिल्ली से हरिद्वार-ऋषिकेश तक हाई-स्पीड कनेक्टिविटी का प्रस्ताव—यात्रा समय घटेगा, पर्यटन को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
ऋषिकेश, 10 अप्रैल 2026 । राष्ट्रीय राजधानी Delhi से उत्तराखंड के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों Haridwar और Rishikesh तक तेज रफ्तार कनेक्टिविटी विकसित करने का प्रस्ताव सामने आया है। इस परियोजना का उद्देश्य यात्रा को अधिक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाना है, जिससे लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को लाभ मिलेगा।
फिलहाल नमो भारत ट्रेन सराय काले खां (दिल्ली) से मेरठ के मोदिपुरम तक चल रही है। प्रस्तावित विस्तार के तहत यह कॉरिडोर मोदिपुरम से आगे बढ़ते हुए हरिद्वार और ऋषिकेश तक जाएगा, जो मुख्य रूप से नेशनल हाईवे-58 के समानांतर विकसित किया जाएगा।
इस रूट में कई अहम शहर और कस्बे शामिल होंगे। इनमें मेरठ का मोदिपुरम, दौराला-सकौती, खतौली (मुजफ्फरनगर), पुरकाजी (यूपी -उत्तराखंड बॉर्डर), रुड़की, ज्वालापुर (हरिद्वार) और आखिर में ऋषिकेश शामिल हैं। खास बात यह है कि आईआईटी रुडकी जैसे प्रमुख शैक्षणिक केंद्र भी इस कॉरिडोर से सीधे जुड़ जाएंगे।
प्रस्तावित योजना के तहत हाई-स्पीड एक्सप्रेसवे, आधुनिक रेल नेटवर्क या सेमी-हाईस्पीड ट्रेन जैसी सुविधाओं पर विचार किया जा रहा है। यदि यह परियोजना लागू होती है, तो दिल्ली से हरिद्वार और ऋषिकेश तक का सफर काफी कम समय में पूरा किया जा सकेगा, जो वर्तमान में कई घंटों का होता है।
यह कनेक्टिविटी विशेष रूप से Char Dham Yatra और अन्य धार्मिक अवसरों के दौरान महत्वपूर्ण साबित होगी, जब बड़ी संख्या में श्रद्धालु इन शहरों की ओर रुख करते हैं। बेहतर सड़क और रेल नेटवर्क से भीड़ प्रबंधन में भी मदद मिलेगी और यात्रा के दौरान होने वाली समस्याएं कम होंगी।
इसके अलावा, इस परियोजना से पर्यटन उद्योग को भी बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। हरिद्वार और ऋषिकेश योग, आध्यात्म और गंगा तट के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध हैं। तेज कनेक्टिविटी से घरेलू और विदेशी पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हो सकती है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं क्षेत्रीय विकास को गति देती हैं। बेहतर कनेक्टिविटी से रोजगार के अवसर बढ़ते हैं, निवेश आकर्षित होता है और आसपास के क्षेत्रों का भी विकास होता है।
हालांकि, इस परियोजना को लागू करने के लिए पर्यावरणीय संतुलन और भूमि अधिग्रहण जैसी चुनौतियों का समाधान भी जरूरी होगा, खासकर उत्तराखंड जैसे संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों में।
कुल मिलाकर, दिल्ली से हरिद्वार-ऋषिकेश तक तेज रफ्तार कनेक्टिविटी का यह प्रस्ताव न केवल यात्रा को आसान बनाएगा, बल्कि धार्मिक पर्यटन और क्षेत्रीय विकास को भी नई दिशा देगा।