हरियाणा में पहली कक्षा के दाखिले के नए नियम: अब तय उम्र होने पर ही मिलेगा एडमिशन
चंडीगढ़ , 08 अप्रैल 2026 । हरियाणा सरकार ने स्कूल शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए पहली कक्षा (Class 1) में दाखिले के लिए न्यूनतम आयु सीमा तय कर दी है। अब राज्य में बच्चों को तभी कक्षा 1 में प्रवेश मिलेगा, जब वे निर्धारित उम्र पूरी कर चुके होंगे। इस फैसले का उद्देश्य शिक्षा प्रणाली को अधिक व्यवस्थित और राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाना है।
स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव विजय सिंह दहिया ने हरियाणा विद्यालय शिक्षा संशोधन नियम-2026 अधिसूचित कर दिया है। पुराने नियमों में 5 साल की आयु वाले बच्चों को पहली कक्षा में दाखिले का प्रविधान था, जिसे अब एक साल बढ़ाकर 6 साल किया गया है। हालांकि उन बच्चों को भी राहत दी गई है, जो 30 सितम्बर तक 6 साल की आयु पूरी कर लेंगे।
क्यों किया गया नियम में बदलाव?
यह फैसला राष्ट्रीय शिक्षा नीति (नई शिक्षा नीति 2020) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप लिया गया है। NEP 2020 में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि:
- बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा (Foundational Stage) मजबूत हो
- 3 से 6 वर्ष की उम्र में प्री-स्कूल/आंगनवाड़ी शिक्षा दी जाए
- 6 साल की उम्र के बाद ही औपचारिक स्कूली शिक्षा शुरू हो
किन बच्चों पर पड़ेगा असर?
इस नए नियम का असर उन अभिभावकों पर पड़ेगा, जो अपने बच्चों को कम उम्र में ही स्कूल भेजना चाहते थे। अब उन्हें:
- पहले प्री-स्कूल या नर्सरी में दाखिला दिलाना होगा
- तय उम्र पूरी होने तक कक्षा 1 में प्रवेश का इंतजार करना होगा
स्कूलों को दिए गए सख्त निर्देश
राज्य सरकार ने सभी सरकारी और निजी स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि वे दाखिले के समय बच्चे की उम्र का सत्यापन अनिवार्य रूप से करें। नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर कार्रवाई भी की जा सकती है।
क्या होंगे इस फैसले के फायदे?
- बच्चों का मानसिक और शारीरिक विकास बेहतर होगा
- पढ़ाई का दबाव कम होगा
- शुरुआती शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा
- NEP के अनुरूप एक समान शिक्षा प्रणाली लागू होगी
अभिभावकों के लिए जरूरी सलाह
- बच्चे की जन्मतिथि के अनुसार ही एडमिशन की योजना बनाएं
- प्री-स्कूल/आंगनवाड़ी विकल्पों पर ध्यान दें
- स्कूलों द्वारा मांगे जाने वाले दस्तावेज़ पहले से तैयार रखें