चंडीगढ़ , 04 अप्रैल 2026 । हरियाणा में सामने आए वर्क स्लिप घोटाले ने श्रम व्यवस्था की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच में खुलासा हुआ है कि जारी की गई करीब 90% वर्क स्लिप (रसीदें) फर्जी पाई गई हैं, जिससे सरकारी योजनाओं और श्रमिक लाभों के दुरुपयोग का मामला सामने आया है। विज ने कहा कि वर्ष 2008 से संचालित योजनाओं का लाभलेने वाले श्रमिकों के वर्क स्लीपों की भी जांच की जा सकती है जोकि अभी दो साल अवधि का अनुमानित 1500 करोड़ रूपए का घोटाला की राशि और अधिक होने की संभावना है जोकि हजारों करोड़ रूपए के घोटाला हो सकता है। विज ने बताया कि जांच में दोषी पाए जाने वालों को सजा देने पर भी विचार किया जा रहा है।
इस संबंध में श्रम मंत्री अनिल विज द्वारा एक प्रस्ताव मुख्यमंत्री को भेजा गया था जिसे स्वीकृति दे दी है और अब श्रम मंत्री ने इस प्रस्ताव को सरकार द्वारा गठित की गई उच्च स्तरीय समिति को अनुशंसा हेतु भेजा गया है। विज ने इस संबंध जानकारी देते हुए बताया कि सरकार द्वारा गठित उच्च स्तरीय समिति की स्वीकृति प्राप्त होने के पश्चात ही इस प्रस्ताव में दी गई सिफारिशों को लागू किया जाएगा।
इस घोटाले में फर्जी दस्तावेजों के जरिए गैर-योग्य लोगों को श्रमिक दिखाकर लाभ उठाने की बात सामने आई है। इससे न केवल सरकारी खजाने को नुकसान हुआ, बल्कि असली श्रमिकों के अधिकार भी प्रभावित हुए हैं।
सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं। साथ ही, पूरे सिस्टम को पारदर्शी और डिजिटल बनाने के लिए नया पोर्टल लॉन्च करने की तैयारी की जा रही है।
नए पोर्टल के जरिए केवल सत्यापित और पात्र श्रमिकों को ही रजिस्ट्रेशन का मौका मिलेगा। इसमें आधार आधारित वेरिफिकेशन, डिजिटल रिकॉर्ड और रियल-टाइम मॉनिटरिंग जैसी सुविधाएं शामिल होंगी, जिससे फर्जीवाड़े पर रोक लगाई जा सकेगी।
Haryana सरकार का कहना है कि इस कदम से असली श्रमिकों को उनका हक मिलेगा और योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंचेगा। इसके अलावा, पुराने रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है ताकि फर्जी लाभार्थियों की पहचान कर उनसे रिकवरी की जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल सिस्टम और सख्त निगरानी से इस तरह के घोटालों पर काफी हद तक अंकुश लगाया जा सकता है।
कुल मिलाकर, Haryana में सामने आया यह घोटाला एक चेतावनी है कि सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और तकनीकी सुधार कितने जरूरी हैं।