किशनगंज , 01 अप्रैल 2026 । किशनगंज में तैनात SDPO (सब-डिविजनल पुलिस ऑफिसर) के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है, जिसमें उनकी आय से 61% अधिक संपत्ति होने का खुलासा हुआ है। इस मामले ने पुलिस विभाग में हलचल मचा दी है और भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई को नई दिशा दी है।
कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद ईओयू की टीम ने एक साथ छह अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की। जांच के दौरान कई अहम दस्तावेज और संपत्तियों के सुराग मिले हैं, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
पूर्णिया में स्थित उनका चार मंजिला आलीशान मकान, जिसकी कीमत करीब ढाई करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है, जांच का मुख्य केंद्र बना हुआ है। इसके अलावा मकान निर्माण से जुड़े बड़े भुगतान के दस्तावेज भी टीम को मिले हैं।
जांच एजेंसियों के अनुसार, अधिकारी की संपत्तियों और आय के स्रोतों की विस्तृत जांच के दौरान यह सामने आया कि उनके पास घोषित आय से कहीं अधिक संपत्ति मौजूद है। इसमें अचल संपत्ति, बैंक बैलेंस और अन्य निवेश शामिल बताए जा रहे हैं, जिनका संतुलन उनकी आधिकारिक आय से मेल नहीं खाता।
मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अधिकारी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति (Disproportionate Assets) का केस दर्ज किया गया है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह संपत्ति किन माध्यमों से अर्जित की गई और इसमें किसी अन्य व्यक्ति या नेटवर्क की भूमिका तो नहीं है।
Bihar में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्तर पर अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस कार्रवाई को एक बड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है कि कानून के रखवाले भी जांच के दायरे से बाहर नहीं हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई से प्रशासनिक तंत्र में पारदर्शिता बढ़ेगी और अन्य अधिकारियों के लिए भी यह एक चेतावनी का काम करेगी।
कुल मिलाकर, Kishanganj का यह मामला राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम का एक अहम उदाहरण बनकर उभरा है।