लुधियाना, 31 मार्च 2026 । सरकार द्वारा मिड डे मील योजना के तहत नया मेन्यू जारी किया गया है, जिसमें बच्चों के पोषण स्तर को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। इस नई व्यवस्था के अनुसार शनिवार को विद्यार्थियों को साबुत माह (काली उड़द) की दाल परोसी जाएगी, जो प्रोटीन, आयरन और फाइबर से भरपूर होती है। यह बदलाव केवल स्वाद बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि बच्चों के समग्र शारीरिक और मानसिक विकास को ध्यान में रखते हुए किया गया है।
साप्ताहिक मेन्यू
सोमवार : दाल और रोटी।
मंगलवार : राजमाह-चावल और खीर।
बुधवार : काले या सफेद चने (आलू के साथ) और पूरी या रोटी।
गुरुवार : कढ़ी (आलू और प्याज के पकौड़ों के साथ) और चावल।
शुक्रवार : मौसमी सब्जी, रोटी और मौसमी फल।
शनिवार : साबुत माह की दाल और चावल।
नए मेन्यू में सप्ताह के प्रत्येक दिन के लिए अलग-अलग पौष्टिक भोजन तय किया गया है, ताकि बच्चों को विविध आहार मिल सके और वे कुपोषण जैसी समस्याओं से दूर रहें। खासतौर पर दाल, हरी सब्जियां, चावल, रोटी और कभी-कभी मीठे व्यंजन भी शामिल किए गए हैं। साबुत माह की दाल को शामिल करने का उद्देश्य बच्चों में प्रोटीन की कमी को पूरा करना है, क्योंकि यह दाल शरीर को ऊर्जा देने के साथ-साथ मांसपेशियों के विकास में भी सहायक होती है।
शिक्षा विभाग का मानना है कि इस तरह के संतुलित आहार से विद्यार्थियों की स्कूल में उपस्थिति भी बढ़ेगी और उनकी पढ़ाई में रुचि भी बढ़ेगी। पहले देखा गया है कि जिन स्कूलों में मिड डे मील की गुणवत्ता अच्छी होती है, वहां ड्रॉपआउट रेट कम होता है। इसलिए सरकार लगातार इस योजना में सुधार कर रही है।
इसके अलावा, मेन्यू में बदलाव करते समय स्थानीय स्वाद और उपलब्धता का भी ध्यान रखा गया है, ताकि भोजन ताजा और स्वादिष्ट रहे। स्वच्छता और गुणवत्ता बनाए रखने के लिए स्कूल प्रशासन को भी सख्त निर्देश दिए गए हैं।
कुल मिलाकर, नया मिड डे मील मेन्यू बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा—तीनों पहलुओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।