नोएडा एयरपोर्ट बनेगा ऑल-वेदर हब, CAT-3 तकनीक से कोहरे में भी नहीं थमेंगी उड़ानें
ग्रेटर नोएडा, 26 मार्च 2026 । उत्तर प्रदेश के उभरते एविएशन हब Noida International Airport को अत्याधुनिक तकनीकों से लैस किया जा रहा है, जिससे घने कोहरे के दौरान भी उड़ान संचालन प्रभावित नहीं होगा। एयरपोर्ट पर CAT-3 (कैटेगरी-3) इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम लगाया जा रहा है, जो बेहद कम विजिबिलिटी में भी विमानों की सुरक्षित लैंडिंग और टेकऑफ सुनिश्चित करता है।
उत्तर प्रदेश में ग्रेटर नोएडा के जेवर में बन रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट आधुनिक विमानन तकनीक के साथ नई ऊंचाई छूने को तैयार है। यह एयरपोर्ट न केवल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिहाज से खास होगा, बल्कि यहां इस्तेमाल की जा रही अत्याधुनिक CAT-3 तकनीक इसे देश के सबसे एडवांस एयरपोर्ट्स में शामिल करेगी। इस तकनीक की मदद से घने कोहरे और खराब मौसम में भी विमान सुरक्षित रूप से लैंडिंग और टेकऑफ कर सकेंगे, जिससे यात्रियों को देरी और रद्द होने वाली फ्लाइट्स की समस्या से राहत मिलेगी।
CAT-3 तकनीक के जरिए पायलट को रनवे देखने की जरूरत बेहद कम रह जाती है, क्योंकि यह सिस्टम पूरी तरह से ऑटोमेटेड गाइडेंस प्रदान करता है। इससे सर्दियों में दिल्ली-एनसीआर में अक्सर होने वाली फ्लाइट देरी और रद्द होने की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।
इसके अलावा एयरपोर्ट का रनवे भी अत्याधुनिक डिजाइन के साथ तैयार किया जा रहा है, जिससे एक ही समय में लैंडिंग और टेकऑफ संभव होगा। यह सुविधा एयर ट्रैफिक को सुचारू बनाएगी और यात्रियों को तेज व सुविधाजनक सेवा मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह एयरपोर्ट देश के सबसे आधुनिक एयरपोर्ट्स में शामिल होगा, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं प्रदान करेगा। इससे न केवल क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बढ़ेगी, बल्कि व्यापार, निवेश और पर्यटन को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
सरकार का लक्ष्य इस एयरपोर्ट को भविष्य के एविएशन हब के रूप में विकसित करना है, जहां तकनीक और दक्षता का सर्वोत्तम संयोजन देखने को मिलेगा।