कौन हैं वो 3 युवा कांग्रेस नेता जिनकी वजह से 3 राज्यों की पुलिस आमने-सामने आ गई?

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नई दिल्ली, 26 फ़रवरी 2026 ।  Indian Youth Congress से जुड़े तीन युवा नेताओं की गिरफ्तारी को लेकर एक अद्भुत घटनाक्रम सामने आया, जिसमें दिल्ली पुलिस, हिमाचल प्रदेश पुलिस और हरियाणा पुलिस तक आमने-सामने आ गईं। मामला तब शुरू हुआ जब दिल्ली पुलिस ने इन तीनों को एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान दिल्ली में हुए शर्टलेस प्रोटेस्ट से जुड़े आरोपों के सिलसिले में हिमाचल प्रदेश के शिमला के पास हिरासत में लिया। इससे न सिर्फ हाई-वोल्टेज ड्रामा शुरू हुआ, बल्कि पुलिस के बीच करीब 21–24 घंटे तक जटिल स्थिति बनी रही।

दिल्ली में एआई समिट में हुए हंगामे पर भाजपा ने एक बार फिर राहुल गांधी को जिम्मेदार ठहराया है। भाजपा ने राहुल गांधी की तुलना 2020 दंगे के आरोपी उमर खालिद से करते हुए दिल्ली भाजपा ऑफिस के बाहर एक पोस्टर लगाया। जिसमें लिखा- अराजकता का तरीका एक, बस देश विरोधी चेहरे बदलते रहते हैं।

इस पोस्टर में एक तरफ उमर खालिद हैं जिसमें उसे CAA के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए दिखाया गया है। वहीं दूसरी तरफ राहुल गांधी हैं उनके आगे शर्टलेस कांग्रेस कार्यकर्ता की तस्वीरें है, जो एआई समिट का विरोध कर रहे हैं। ये पोस्टर भाजपा के नेशनल स्पोक्सपर्सन आरपी सिंह ने लगवाए हैं।

दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में शर्टलेस प्रोटेस्ट के सिलसिले में दिल्ली पुलिस ने युवा कांग्रेस के 3 और कार्यकर्ताओं को एक दिन पहले हिमाचल प्रदेश से गिरफ्तार कर लिया. लेकिन उनकी गिरफ्तारी को लेकर हिमाचल प्रदेश में हंगामा हो गया. दिल्ली पुलिस जब उन्हें लेकर आ रही थी तो शिमला पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक दिया. दोनों पुलिस बलों के बीच जबरदस्त ड्रामा चला. करीब 21 घंटे चले नाटकीय घटनाक्रम के बाद मामला आज गुरुवार सुबह 6 के करीब शांत हुआ. फिर पुलिस आरोपियों को लेकर दिल्ली के लिए रवाना हो सकी.

गिरफ्तार तीनों युवा कांग्रेस नेता

1. सौरभ सिंह – यह युवा नेता उत्तर प्रदेश के अमेठी के रहने वाले हैं और इंडियन यूथ कांग्रेस के सक्रिय कार्यकर्ता हैं। उन्हें एआई समिट में विरोध प्रदर्शन के आरोपों में हिरासत में लिया गया।

2. अरबाज़ खान – उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले के निवासी, अरबाज़ यूथ कांग्रेस के वरिष्ठ कार्यकर्ता हैं और पूर्व में यूपी जोन के उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं।

3. सिद्धार्थ – मध्य प्रदेश के रहने वाले सिद्धार्थ भी इंडियन यूथ कांग्रेस के सदस्य हैं और संगठन के अहम कार्यकर्ताओं में से एक माने जाते हैं।

इन तीनों को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने शिमला के रोहड़ू इलाके के एक रिसॉर्ट से गिरफ्तार किया था। इसके बाद जब दिल्ली पुलिस उन्हें दिल्ली ले जा रही थी, तो हिमाचल प्रदेश पुलिस ने ट्रांजिट रिमांड और स्थानीय अनुमति न होने का हवाला देते हुए उनका काफिला रोक दिया, जिससे रातभर जारी स्थिति पैदा हुई। इस विवाद ने तीनों राज्यों की पुलिस बलों के बीच पटरियों से हटकर तनातनी और कानूनी बहस को जन्म दिया।

मामला अब कोर्ट में और उच्च स्तरीय कानूनी समीक्षा के दायरे में भी पहुंच चुका है, और यह घटना पुलिस के बीच प्रोटोकॉल, ट्रांजिट रिमांड और अंतर-राज्यीय सहयोग जैसे मुद्दों पर भी सवाल खड़े कर रही है।

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