मणिपुरी सिनेमा का गौरव: ‘बूंग’ ने अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार में रचा इतिहास

0

नई दिल्ली, 24 फ़रवरी 2026 । पूर्वोत्तर भारत के सिनेमा ने एक बार फिर वैश्विक मंच पर अपनी पहचान मजबूत की है। मणिपुरी फिल्म Boong ने अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार जीतकर इतिहास रच दिया है। यह उपलब्धि न केवल मणिपुर बल्कि पूरे भारतीय क्षेत्रीय सिनेमा के लिए गर्व का क्षण मानी जा रही है।

मणिपुरी भाषा की डेब्यू फीचर फिल्म ‘बूंग’ ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का नाम रोशन कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट करके ‘बूंग’ की पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह पूरे देश, खासकर मणिपुर के लिए गर्व का क्षण है और यह भारत की रचनात्मक प्रतिभा को दर्शाता है।

फिल्म ‘बूंग’ ने इस साल के BAFTA Awards (ब्रिटिश फिल्म एवं टेलीविजन कला अकादमी पुरस्कार) में बाल एवं पारिवारिक फिल्म श्रेणी में जीत हासिल की। यह पहली भारतीय फिल्म बन गई है जिसने इस श्रेणी में पुरस्कार जीता। समारोह लंदन के रॉयल फेस्टिवल हॉल में आयोजित हुआ, जहां फिल्म की टीम मौजूद रही।

फिल्म का निर्देशन लक्ष्मीप्रिया देवी ने किया है, जबकि निर्माता फरहान अख्तर, रितेश सिधवानी, विकेश भुटानी, एलन मैकएलेक्स और शुजात सौदागर हैं। यह समारोह में इकलौती भारतीय नामांकित फिल्म थी और उसने ‘जूटोपिया 2’, ‘लीलो एंड स्टिच’ और ‘आर्को’ जैसी अंतरराष्ट्रीय फिल्मों को पीछे छोड़ दिया।

‘बूंग’ अपनी संवेदनशील कहानी, सांस्कृतिक गहराई और सशक्त प्रस्तुति के कारण अंतरराष्ट्रीय जूरी को प्रभावित करने में सफल रही। फिल्म में मणिपुर की सामाजिक वास्तविकताओं, परंपराओं और बदलते परिवेश को प्रभावशाली ढंग से दिखाया गया है। स्थानीय भाषा और लोक-संस्कृति के तत्वों को वैश्विक दर्शकों के सामने प्रस्तुत करना इस फिल्म की सबसे बड़ी ताकत रही।

फिल्म के निर्देशक और कलाकारों ने सीमित संसाधनों के बावजूद उत्कृष्ट सिनेमाई गुणवत्ता पेश की। मणिपुरी सिनेमा लंबे समय से अपनी विशिष्ट पहचान बनाए हुए है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार जीतना इसे नई ऊंचाइयों तक ले गया है। इससे पूर्वोत्तर भारत के फिल्म निर्माताओं को वैश्विक मंच पर अवसर मिलने की उम्मीद और मजबूत हुई है।

इस उपलब्धि से यह भी साबित हुआ है कि क्षेत्रीय भाषाओं में बनी फिल्में भी वैश्विक स्तर पर प्रभाव छोड़ सकती हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म और अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों के माध्यम से अब छोटी इंडस्ट्री की फिल्मों को भी विश्व स्तर पर पहचान मिल रही है।

‘बूंग’ की सफलता मणिपुर की सांस्कृतिक विरासत, लोककथाओं और सामाजिक सरोकारों को अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनी है। यह उपलब्धि आने वाले समय में क्षेत्रीय सिनेमा के लिए प्रेरणा का स्रोत साबित होगी।

Leave A Reply

Your email address will not be published.