अमिताभ बच्चन को मिला पहला साउथ फिल्मफेयर अवॉर्ड, 50 साल बाद भी कायम है करिश्मा

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नई दिल्ली, 23 फ़रवरी 2026 । भारतीय सिनेमा के महानायक Amitabh Bachchan को पहली बार साउथ इंडस्ट्री में उनके योगदान के लिए साउथ फिल्मफेयर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। यह सम्मान न केवल उनके लंबे और बहुआयामी करियर की स्वीकृति है, बल्कि इस बात का भी प्रमाण है कि उनकी लोकप्रियता भाषा और क्षेत्रीय सीमाओं से परे है।

70वें साउथ फिल्मफेयर अवॉर्ड्स का आयोजन शनिवार को केरल के कोच्चि में हुआ। इस दौरान अमिताभ बच्चन को फिल्म कल्कि 2898 AD के लिए बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर मेल (तेलुगु) का अवॉर्ड दिया गया। यह उनका पहला साउथ फिल्मफेयर अवॉर्ड है। प्रभास स्टारर फिल्म में अमिताभ बच्चन ने अश्वत्थामा का रोल निभाया था।

इस सेरेमनी में तेलुगु, तमिल, मलयालम और कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री की बेहतरीन फिल्मों और कलाकारों को सम्मानित किया गया। फिल्म पुष्पा 2 ने तेलुगु कैटेगरी में पांच अवॉर्ड जीते, जिनमें बेस्ट फिल्म, बेस्ट डायरेक्टर (सुकुमार) और बेस्ट एक्टर (अल्लू अर्जुन) शामिल रहे।

तमिल कैटेगरी में फिल्म अमरन ने सात अवॉर्ड अपने नाम किए, जिनमें बेस्ट फिल्म, बेस्ट एक्टर (सिवकार्तिकेयन) और बेस्ट एक्ट्रेस (साई पल्लवी) शामिल हैं। मलयालम सिनेमा से सुपरस्टार ममूटी को ब्रमायुगम के लिए बेस्ट एक्टर चुना गया। लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड दिवंगत एक्टर-फिल्ममेकर श्रीनिवासन को मरणोपरांत दिया गया।

हिंदी सिनेमा में पांच दशकों से अधिक समय तक राज करने के बाद अमिताभ बच्चन ने दक्षिण भारतीय फिल्मों में भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। हाल के वर्षों में उन्होंने तेलुगु और तमिल सिनेमा की बड़ी परियोजनाओं में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं, जिनमें उनकी अभिनय क्षमता और स्क्रीन प्रेजेंस की व्यापक सराहना हुई। साउथ सिनेमा के दर्शकों ने भी उन्हें उतना ही अपनाया जितना हिंदी दर्शकों ने।

साउथ फिल्मफेयर अवॉर्ड, जिसे आधिकारिक तौर पर Filmfare Awards South के नाम से जाना जाता है, दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग के सर्वश्रेष्ठ कलाकारों को सम्मानित करता है। इस मंच पर अमिताभ बच्चन का सम्मानित होना भारतीय सिनेमा के एकीकरण और प्रतिभा के प्रति सम्मान का प्रतीक है।

अमिताभ बच्चन का करियर 1970 के दशक में “एंग्री यंग मैन” की छवि से शुरू हुआ और आज भी वे विविध किरदारों के साथ प्रयोग कर रहे हैं। चाहे मुख्य भूमिका हो या कैमियो, उनका प्रभाव हर फ्रेम में नजर आता है। साउथ सिनेमा में उनकी एंट्री ने यह साबित किया कि एक सशक्त अभिनेता के लिए भाषा कोई बाधा नहीं होती।

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