AI समिट हंगामे पर बीजेपी का हल्ला बोल, कांग्रेस दफ्तर के सामने प्रदर्शन

0

नई दिल्ली, 21 फ़रवरी 2026 । AI समिट में हुए हंगामे को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी ने इस मुद्दे पर आक्रामक रुख अपनाते हुए कांग्रेस कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। पार्टी नेताओं का कहना है कि वैश्विक मंच पर देश की छवि खराब करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

दिल्ली के भारत मंडपम में शुक्रवार को यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने AI समिट में टी शर्ट उतारकर विरोध प्रदर्शन किया और प्रधानमंत्री के खिलाफ नारेबाजी की. जवाब में अब भारतीय जनता पार्टी का युवा मोर्चा भी सड़क पर उतर आया. युवा मोर्चा के सैकड़ों कार्यकर्ता और दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा और अन्य नेताओं ने कांग्रेस मुख्यालय का घेराव किया. वीरेन्द्र सचदेवा को हिरासत में लिए जाने के बाद दिल्ली पुलिस ने BNS की धारा 163 लगने का हवाला देते हुए बीजेपी कार्यकर्ताओं को हटा रही है. बीजेपी का प्रदर्शन खत्म हो गया है.

इस प्रोटेस्ट में बीजेपी सांसद मनोज तिवारी भी पहुंचे. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी देश का गद्दार है. जनता ने उनकी वहीं पिटाई कर दी थी. ये कांग्रेस के अंदर का फ्रस्ट्रेशन है. दिल्ली और देश की जनता माफ नहीं करेगी. मनोज तिवारी ने कहा कि AI समिट में 80 से ज्यादा देशों के लोग आए हैं और भारत की सराहना की. ये भारत का AI इंपैक्ट समिट था. भारतीय वैज्ञानिकों की तारीफ हुई.

उन्होंने कहा कि हम आगे जाकर दुर्घटनाओं को कैसे कम करेंगे ये भी इसमें बताया गया. उन्होंने कहा कि हर साल 5 लाख रोड एक्सिडेंट होते हैं. 2.5 लाख लोग मरते हैं. हम एक्सीडेंट की संख्या को 4 लाख तक लाए. अगर ड्राइवर हो जाए तो ये सजग करेगा. ऐसा इनको पच नहीं रहा है. भारत बम गोलों से नहीं हारेगा. इसलिए वैचारिक आतंकवादी सक्रिय हैं.

AI और डिजिटल नीति जैसे गंभीर विषय पर राजनीतिक टकराव से नीति-निर्माण की बहस प्रभावित हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी विकास और लोकतांत्रिक संवाद के बीच संतुलन जरूरी है।

AI समिट के हंगामे ने एक बार फिर दिखा दिया है कि तकनीक और राजनीति अब एक-दूसरे से अलग नहीं हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद और सार्वजनिक विमर्श में और तेज हो सकता है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.