नई दिल्ली, भारतीय क्रिकेट में यशस्वी जायसवाल को भविष्य का सुपरस्टार माना जाता है। टेस्ट और वनडे क्रिकेट में उन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है, लेकिन टी-20 टीम में लगातार मौके न मिलना कई सवाल खड़े करता है। फैंस से लेकर क्रिकेट विशेषज्ञ तक यही पूछ रहे हैं कि जब यशस्वी घरेलू क्रिकेट, आईपीएल और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभावशाली प्रदर्शन कर चुके हैं, तो टी-20 टीम में उनकी जगह क्यों पक्की नहीं हो पा रही।
टी-20 वर्ल्ड कप के लिए भारत ने 15 प्लेयर्स का स्क्वॉड रिलीज कर दिया। सिलेक्शन कमेटी ने सभी को चौंकाते हुए उप कप्तान शुभमन गिल को ही ICC टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। उनकी जगह अब विकेटकीपर संजू सैमसन ओपनिंग करते नजर आएंगे, लेकिन बैकअप ओपनर के रूप में यशस्वी जायसवाल को मौका नहीं मिला।
यशस्वी की जगह सैयद मुश्ताक अली टी-20 ट्रॉफी में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले विकेटकीपर ईशान किशन को जगह मिल गई। ईशान ने 500 से ज्यादा रन बनाकर अपनी कप्तानी में झारखंड को चैंपियन भी बनाया। उनके शामिल होने से विकेटकीपर जितेश शर्मा को भी जगह नहीं मिली। वहीं रिंकू सिंह को मौका मिल गया।
सबसे बड़ा कारण टीम कॉम्बिनेशन माना जा रहा है। भारतीय टी-20 टीम में इस समय ओपनिंग स्लॉट के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा है। रोहित शर्मा, शुभमन गिल, ईशान किशन, ऋतुराज गायकवाड़ जैसे खिलाड़ी पहले से ही चयनकर्ताओं की पसंद में शामिल हैं। ऐसे में टीम मैनेजमेंट अक्सर वही खिलाड़ी चुनता है, जो हाल के समय में टी-20 फॉर्मेट में निरंतरता दिखा रहे हों।
दूसरा अहम पहलू यशस्वी की खेल शैली है। यशस्वी आक्रामक बल्लेबाज जरूर हैं, लेकिन चयनकर्ता उन्हें टेस्ट और वनडे के लिए ज्यादा उपयुक्त मानते हैं। टी-20 में तेजी से रन बनाने के साथ-साथ जोखिम भरे शॉट्स खेलने की जरूरत होती है। माना जा रहा है कि टीम प्रबंधन यशस्वी को इस फॉर्मेट के लिए पूरी तरह तैयार करने से पहले उन्हें सीमित मौके देना चाहता है।
आईपीएल प्रदर्शन भी चयन का एक बड़ा आधार होता है। हालांकि यशस्वी ने आईपीएल में कई शानदार पारियां खेली हैं, लेकिन कुछ सीजन में उनका प्रदर्शन अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं रहा। टी-20 अंतरराष्ट्रीय टीम में चयन के लिए निरंतर विस्फोटक प्रदर्शन जरूरी होता है, जो चयनकर्ताओं की नजर में फिलहाल अन्य खिलाड़ियों ने बेहतर ढंग से किया है।
इसके अलावा टीम मैनेजमेंट की रणनीति भी अहम भूमिका निभाती है। भारतीय टीम युवा खिलाड़ियों को अलग-अलग फॉर्मेट में धीरे-धीरे ढालने की नीति पर काम कर रही है। यशस्वी को लंबी रेस का खिलाड़ी मानते हुए उन्हें टेस्ट और वनडे में प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि वे वहां अपनी पकड़ मजबूत कर सकें।
हालांकि यह भी सच है कि टी-20 क्रिकेट में यशस्वी की क्षमता पर कोई सवाल नहीं है। आने वाले समय में यदि वे घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में लगातार बड़े स्कोर बनाते हैं, तो चयनकर्ताओं के लिए उन्हें नजरअंदाज करना मुश्किल होगा। फैंस को उम्मीद है कि जल्द ही यशस्वी जायसवाल को टी-20 टीम में स्थायी भूमिका निभाने का मौका मिलेगा।