शिक्षक दिवस पर 69,000 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों का प्रदर्शन: न्याय की गुहार
लखनऊ ,5 सितम्बर।लखनऊ में शिक्षक दिवस के अवसर पर 69,000 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने न्याय की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। इन अभ्यर्थियों का कहना है कि शिक्षक दिवस पर उन्हें स्कूलों और कॉलेजों में पढ़ाने के बजाय सड़कों पर न्याय की गुहार लगानी पड़ रही है। उत्तर प्रदेश के शिक्षकों की यह मांग है कि उनकी भर्ती प्रक्रिया में न्याय हो और जल्द से जल्द उन्हें नियुक्ति मिले।
प्रदर्शन की पृष्ठभूमि
यह प्रदर्शन 69,000 शिक्षक भर्ती से जुड़े उन अभ्यर्थियों का है, जो लंबे समय से अपनी नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं। अभ्यर्थियों के अनुसार, भर्ती प्रक्रिया में कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ा, जिसके कारण वे अभी तक नियुक्त नहीं हो सके हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाते हुए उन्हें जल्द से जल्द नियुक्त किया जाए।
अभ्यर्थियों का दर्द
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का कहना है कि शिक्षक दिवस पर जहां उन्हें अपने छात्रों के साथ होना चाहिए था, वहीं वे सड़कों पर धरना देने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा, “आज शिक्षक दिवस है, और हमें स्कूल में पढ़ाना चाहिए था, लेकिन हम दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं। यह हमारे लिए बेहद निराशाजनक है कि हमारी मेहनत के बावजूद हमें अभी तक नौकरी नहीं मिल पाई है।”
‘न्याय करो’ के नारे
प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने “न्याय करो” के नारे लगाए और अपनी मांगों को जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने सरकार से जल्द से जल्द समाधान की अपील की है, ताकि वे अपने शिक्षण करियर की शुरुआत कर सकें। अभ्यर्थियों ने यह भी कहा कि वे शाम तक धरने पर बैठे रहेंगे और तब तक विरोध जारी रहेगा, जब तक कि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जाता।
ओम प्रकाश राजभर का समर्थन
इस विरोध प्रदर्शन को राजनीतिक समर्थन भी मिला है। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (एसबीएसपी) के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया। उन्होंने सरकार से जल्द समाधान की मांग की और कहा कि यह अभ्यर्थियों के साथ अन्याय है कि वे अपनी योग्यता के बावजूद नौकरी से वंचित हैं।
सरकार का पक्ष
सरकार की ओर से अब तक इस मुद्दे पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन ऐसी उम्मीद की जा रही है कि सरकार जल्द ही इन अभ्यर्थियों की मांगों पर विचार करेगी। भर्ती प्रक्रिया में देरी और पारदर्शिता की कमी को लेकर पहले भी कई बार सवाल उठाए जा चुके हैं, और सरकार से इस पर स्पष्टता की मांग की गई है।
निष्कर्ष
शिक्षक दिवस पर लखनऊ में 69,000 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों का यह प्रदर्शन यह दिखाता है कि शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया में अभी भी कई चुनौतियां हैं। इन अभ्यर्थियों की मांग है कि उन्हें जल्द से जल्द नियुक्ति दी जाए ताकि वे अपने करियर की शुरुआत कर सकें और देश की शिक्षा व्यवस्था में अपना योगदान दे सकें। अब यह देखना होगा कि सरकार इस मुद्दे को कैसे हल करती है और इन अभ्यर्थियों को न्याय कब मिलता है।