लीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में 8 साल बाद छात्रसंघ चुनाव
अलीगढ़ , 5 नवंबर 2026 | अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) में आठ साल के लंबे इंतजार के बाद गुरुवार, 5 नवंबर को छात्रसंघ चुनाव के लिए मतदान हो रहा है। विश्वविद्यालय परिसर में सुबह 9 बजे से वोटिंग शुरू हुई, जो शाम 5 बजे तक चलेगी। इस चुनाव में करीब 35 पदों के लिए लगभग 145 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। छात्रसंघ और विमेंस कॉलेज यूनियन के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सचिव जैसे प्रमुख पदों पर सभी की नजर है।
चुनाव में करीब 20,742 विद्यार्थी अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं। वहीं, विमेंस कॉलेज यूनियन के लिए लगभग 4,500 छात्राएं मतदान करेंगी। इस तरह दोनों चुनावों में कुल मिलाकर करीब 25,000 से अधिक मतदाता शामिल हैं। मतदान पूरा होने के बाद शाम 7 बजे से मतगणना शुरू होगी और देर रात तक नतीजे आने की उम्मीद है।
AMU में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
छात्रसंघ चुनाव के मद्देनजर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के कैम्पस के बाहर पुलिस फोर्स तैनात की गई है। मतदान के दौरान किसी भी बाहरी व्यक्ति को कैंपस में नहीं जाने दिया जा रहा है। मतदान और मतगणना के दौरान किसी भी गड़बड़ी को रोकने के लिए यह सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। एएमयू में आठ साल पहले 2018-19 में छात्रसंघ चुनाव हुए थे। लंबे अंतराल के बाद यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ चुनाव होने पर वोटिंग कर रहे छात्र-छात्राओं में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है।
अध्यक्ष पद के लिए 9 उम्मीदवार मैदान में
AMU छात्रसंघ के तीन प्रमुख पदों पर कुल 19 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। इनमें अध्यक्ष पद के लिए 9, उपाध्यक्ष पद के लिए 7 और मानद सचिव पद के लिए 3 प्रत्याशी शामिल हैं।
अध्यक्ष पद के प्रमुख उम्मीदवारों में मोहम्मद जुहैर अहमद, आमिना इरशाद, मोहम्मद इंतखाब, अब्दुल वहीद, मोहम्मद नोमान अशरफ, शरजील इकबाल, साहिल खान, शरजील मोहम्मद खान और असमर फरीदी शामिल हैं।
उपाध्यक्ष पद के लिए मोहम्मद सदान, सैयद अयान अहमद, अशफाक हुसैन, अयमान हफीज खान, नशरा नईम, साकिब अली खान और इरफा खान मैदान में हैं। वहीं, मानद सचिव पद पर अहमद फराज राजी, मोहम्मद हमदान और मोहम्मद ओवैस के बीच मुकाबला है।
विमेंस कॉलेज यूनियन के लिए भी चुनाव
विश्वविद्यालय के विमेंस कॉलेज में भी छात्रसंघ चुनाव के तहत मतदान हो रहा है। यहां अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सचिव समेत तीन प्रमुख पदों के लिए 15 उम्मीदवार मैदान में हैं।
अध्यक्ष पद पर आयशा जमाल, तहूरा शकील, अनम रियाज, तमन्ना मुजफ्फर, मरियम नाज और रुकैया खान चुनाव लड़ रही हैं। उपाध्यक्ष पद के लिए आयशा खान, सानिया सिराज, मरियम फातिमा और शमा फातिमा के बीच मुकाबला है।
सचिव पद के लिए जोया रहमान, मरियम जान, सानिया खान, रुकैया खातून और जैनब मैदान में हैं। इसके अलावा कैबिनेट सदस्य और यूनिवर्सिटी कोर्ट के प्रतिनिधियों के चुनाव में भी बड़ी संख्या में उम्मीदवार शामिल हैं।
2018 के बाद पहली बार हो रहे चुनाव
AMU में पिछली बार 2018-19 में छात्रसंघ चुनाव हुए थे। उस चुनाव में मोहम्मद सलमान इम्तियाज अध्यक्ष, हमजा सुफियान उपाध्यक्ष और हुजैफा आमिर रशादी मानद सचिव चुने गए थे।
विमेंस कॉलेज यूनियन में आफरीन फातिमा अध्यक्ष, नाहिद असद उपाध्यक्ष और मयमूना अंसारी सचिव निर्वाचित हुई थीं। इसके बाद कई वर्षों तक छात्रसंघ चुनाव नहीं हो सके। इस कारण मौजूदा विद्यार्थियों की एक बड़ी संख्या पहली बार छात्रसंघ चुनाव में मतदान कर रही है।
20 दिनों के आंदोलन के बाद प्रशासन ने कराई चुनाव की घोषणा
छात्रसंघ चुनाव बहाल कराने के लिए विद्यार्थियों ने लंबे समय तक आंदोलन किया। इस साल 21 सितंबर से छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में धरना शुरू किया था। छात्र यासिर फहाद ने चुनाव कराने की मांग को लेकर भूख हड़ताल भी की।
करीब 20 दिनों तक चले आंदोलन और विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ बातचीत के बाद 9 अक्टूबर को चुनाव कराने की घोषणा हुई। इसके बाद चुनाव कार्यक्रम तय किया गया और उम्मीदवारों ने नामांकन तथा प्रचार अभियान शुरू किया।
राजनीतिक दलों के बजाय छात्र समूहों के बीच मुकाबला
इस बार चुनाव में किसी राष्ट्रीय या क्षेत्रीय राजनीतिक दल का आधिकारिक पैनल मैदान में नहीं है। इसके बजाय अलग-अलग छात्र समूह और क्षेत्रीय समीकरण चुनावी चर्चा के केंद्र में हैं।
अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सचिव पदों के उम्मीदवारों ने अपने प्रचार में विश्वविद्यालय की समस्याओं, छात्र अधिकारों, हॉस्टल सुविधाओं और प्रशासन से जुड़े मुद्दों को उठाया। अब मतदान के जरिए यह तय होगा कि विद्यार्थियों को किस उम्मीदवार और समूह पर सबसे अधिक भरोसा है।
शाम 7 बजे से शुरू होगी मतगणना
विश्वविद्यालय की 13 फैकल्टी में मतदान केंद्र बनाए गए हैं। छात्रसंघ और विमेंस कॉलेज यूनियन के लिए अलग-अलग मतदान व्यवस्था की गई है। मतदान शाम 5 बजे समाप्त होने के बाद शाम 7 बजे से वोटों की गिनती शुरू होगी।
आठ साल बाद हो रहे इस चुनाव के नतीजों का इंतजार छात्रों के साथ पूर्व छात्र नेताओं को भी है। नई छात्रसंघ टीम के सामने कैंपस की सुविधाओं, छात्रावासों की समस्याओं, शैक्षणिक माहौल और विद्यार्थियों की मांगों को प्रशासन तक पहुंचाने की जिम्मेदारी होगी।