लखनऊ के चंदन अस्पताल में पूर्व मंत्री को देखने पहुंचे थे CM योगी, गंदगी पर नगर निगम का एक्शन

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लखनऊ , 5 नवंबर 2026 | उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 2 नवंबर को लखनऊ के चंदन अस्पताल में भर्ती पूर्व कैबिनेट मंत्री और विधान परिषद सदस्य डॉ. महेंद्र सिंह का हाल जानने पहुंचे थे। इस दौरान गोमती नगर क्षेत्र में उनके आने-जाने वाले रास्ते पर जगह-जगह कूड़े के ढेर और गंदगी दिखाई दी। इस पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई और अधिकारियों को सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री की नाराजगी के बाद नगर निगम ने कार्रवाई की। 5 नवंबर को सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक, तीन कर्मचारियों को निलंबित किया गया, दो संविदा कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त की गईं और कई अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। इसके अलावा लखनऊ स्वच्छता अभियान कंपनी (रामकी) पर 15 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।

10 सफाई कर्मचारियों को किया बर्खास्त

मुख्यमंत्री के दौरे में सड़क पर गंदगी मिलने को लेकर जोनल सेनेटरी ऑफिसर ने ‘लखनऊ स्वच्छता अभियान’ (एलएसए) पर 15 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। एक सुपरवाइजर समेत 10 सफाई कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया। हालांकि, इस ताबड़तोड़ ऐक्शन पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इलाके में रोड स्वीपिंग का जिम्मा फिलहाल ‘लायन एन्वायरी’ के पास है। ऐसे में जब काम दूसरी कंपनी के पास है, तब एलएसए पर पेनल्टी लगाने और कर्मचारियों को हटाने के औचित्य पर अंगुली उठ रही है।

पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह से मिलने पहुंचे थे योगी

उत्तर प्रदेश सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 2 नवंबर को लखनऊ के चंदन अस्पताल में भर्ती पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह से मिलने पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

इसी दौरे के दौरान गोमती नगर क्षेत्र में सफाई व्यवस्था की स्थिति भी सामने आई। मुख्यमंत्री के आने-जाने वाले रास्ते पर कूड़े के ढेर और गंदगी मिलने के बाद उन्होंने अधिकारियों से जवाब मांगा।

तीन कर्मचारी निलंबित, दो की सेवाएं समाप्त

लाइव हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक, नगर निगम ने सफाई व्यवस्था में लापरवाही के मामले में तीन कर्मचारियों को निलंबित किया है। इनमें सफाई सुपरवाइजर प्रेम, माली शुभम रावत और एक अन्य सफाई कर्मचारी शामिल हैं।

इसके अलावा लखनऊ स्वच्छता अभियान कंपनी के दो कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गईं। नगर निगम ने सफाई व्यवस्था की निगरानी में लापरवाही के आरोप में संबंधित अधिकारियों को भी नोटिस जारी किए हैं।

अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस

कार्रवाई केवल सफाई कर्मचारियों तक सीमित नहीं रही। सफाई एवं फूड इंस्पेक्टर राकेश और जोनल सेनेटरी अफसर पंकज शुक्ला को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

वहीं, गोमती नगर क्षेत्र में सड़कों की बदहाली के मामले में जूनियर इंजीनियर अपूर्व पांडेय से भी जवाब मांगा गया है। नगर निगम ने सफाई और सड़क व्यवस्था की निगरानी करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की बात कही है।

रामकी कंपनी पर 15 लाख रुपये का जुर्माना

गोमती नगर सहित लखनऊ के कई क्षेत्रों में सफाई का काम संभालने वाली लखनऊ स्वच्छता अभियान कंपनी यानी रामकी पर 15 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। नगर निगम ने सफाई व्यवस्था में लापरवाही को कार्रवाई का आधार बताया है।

अपर नगर आयुक्त पंकज श्रीवास्तव के मुताबिक, संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। कंपनी पर जुर्माना लगाने के साथ क्षेत्र में सफाई व्यवस्था सुधारने के निर्देश भी दिए गए हैं।

कुछ मीडिया रिपोर्टों में 10 सफाई कर्मचारियों को बर्खास्त किए जाने की बात कही गई है। हालांकि, लाइव हिन्दुस्तान की विस्तृत रिपोर्ट में तीन कर्मचारियों के निलंबन और दो कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त किए जाने का स्पष्ट विवरण दिया गया है। इसलिए कुल 10 कर्मचारियों की बर्खास्तगी की संख्या की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती।

फिलहाल नगर निगम की कार्रवाई का उद्देश्य गोमती नगर क्षेत्र में सफाई व्यवस्था सुधारना और जिम्मेदार कर्मचारियों तथा अधिकारियों की जवाबदेही तय करना है।

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