फरीदाबाद,03 नवंबर 2026 |आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जरिए फर्जी रेलवे टिकट तैयार कर ट्रेन में सफर करने वालों पर अब रेलवे शिकंजा कसने की तैयारी कर रहा है। टिकटों की जांच को अधिक सुरक्षित और प्रभावी बनाने के लिए रेलवे हैंड हेल्ड टर्मिनल (HHT) तकनीक का इस्तेमाल कर रहा है। इस डिवाइस से टिकट की जानकारी डिजिटल रूप से जांची जा सकती है। इससे फर्जी टिकट, गलत PNR और संदिग्ध बुकिंग की पहचान करने में टिकट चेकिंग स्टाफ को मदद मिलेगी।
अभी मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों के टीटीई को मिला था डिवाइस
रेलवे सूत्रों की मानें तो अभी तक एचएचटी की सुविधा मुख्य रूप से मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में ड्यूटी करने वाले टीटीई को दी जा रही थी। अब इस सुविधा का विस्तार करते हुए रेलवे स्टेशनों पर तैनात टिकट जांच कर्मचारियों को भी एचएचटी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे प्लेटफॉर्म और स्टेशन परिसर में टिकटों की जांच करने वाले टीटीई भी संदिग्ध टिकटों की मौके पर ही पड़ताल कर जुर्माना वसूल कर सकेंगे। फरीदाबाद रेलवे स्टेशन पर भी इसकी शुरूआत की गई है।
क्या है रेलवे का HHT सिस्टम?
HHT यानी हैंड हेल्ड टर्मिनल एक डिजिटल डिवाइस है, जिसका इस्तेमाल रेलवे के टिकट जांच कर्मचारी करते हैं। इसके जरिए यात्री के टिकट और PNR की जानकारी रेलवे के आधिकारिक रिकॉर्ड से मिलाई जा सकती है। टिकट पर मौजूद QR कोड या अन्य उपलब्ध विवरण स्कैन करके उसकी प्रामाणिकता जांचने में मदद मिलती है।
फर्जी टिकट और असली टिकट में कैसे होगा अंतर?
AI की मदद से तैयार किए गए फर्जी टिकट देखने में असली जैसे लग सकते हैं। इनमें रेलवे का लोगो, PNR नंबर, ट्रेन नंबर और यात्रा संबंधी विवरण भी शामिल किए जा सकते हैं। लेकिन केवल टिकट का डिजाइन असली होने का प्रमाण नहीं है।
HHT से जांच के दौरान टिकट की जानकारी रेलवे के आधिकारिक रिकॉर्ड से मिलाई जाती है। यदि टिकट का विवरण रिकॉर्ड से मेल नहीं खाता या PNR मान्य नहीं है, तो गड़बड़ी सामने आ सकती है। हालांकि, किसी भी स्कैन की प्रक्रिया में टिकट की जांच के लिए आधिकारिक सिस्टम से सत्यापन जरूरी है।
रेलवे यात्रियों को सलाह है कि वे टिकट केवल IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट, ऐप या अधिकृत बुकिंग केंद्रों से ही खरीदें। किसी अनजान व्यक्ति से सोशल मीडिया या मैसेजिंग ऐप पर टिकट खरीदने से बचें। यात्रा के दौरान टिकट और पहचान पत्र साथ रखें।
फर्जी टिकट पर हो सकती है कार्रवाई
बिना वैध टिकट यात्रा करना रेलवे नियमों के तहत दंडनीय है। जांच में टिकट फर्जी पाए जाने पर यात्री से नियमानुसार किराया और जुर्माना वसूला जा सकता है। गंभीर मामलों में कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है। इसलिए AI से तैयार किसी भी नकली टिकट के भरोसे ट्रेन में सफर करना जोखिम भरा है।