भारत और न्यूजीलैंड के बीच चौथे टी20 मुकाबले में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग-11 में जगह नहीं मिली। टीम इंडिया के इस फैसले पर पूर्व भारतीय क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने टीम मैनेजमेंट से सूर्यवंशी को लेकर अपनी योजना और भविष्य की भूमिका स्पष्ट करने की मांग की। चोपड़ा का कहना है कि अगर इस युवा खिलाड़ी को नियमित मौके नहीं मिलने हैं, तो उसे घरेलू क्रिकेट, खासकर फर्स्ट क्लास क्रिकेट खेलने के लिए वापस भेज देना चाहिए।
पूर्व भारतीय ओपनर आकाश चोपड़ा ने न्यूजीलैंड के खिलाफ चौथे टी-20 मैच में वैभव सूर्यवंशी को बाहर रखने पर सवाल उठाया है।
चोपड़ा ने पूछा कि ‘क्या आप वैभव सूर्यवंशी को सिर्फ तभी खिलाएंगे, जब कोई चोटिल होगा? या जब कोई उपलब्ध नहीं होगा?’
ईशान किशन के फिट होकर लौटने के बाद सूर्यवंशी को चौथे मैच की प्लेइंग-11 से बाहर किया गया था। वे चोटिल ईशान की गैरमौजूदगी में दूसरे और तीसरे टी-20I में उतरे थे।
ईशान किशन की वापसी के बाद बाहर हुए सूर्यवंशी
भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का चौथा मुकाबला 30 अक्टूबर को ऑकलैंड में खेला गया। इस मैच से पहले भारत सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त हासिल कर चुका था। ऐसे में चौथा मुकाबला सीरीज के नतीजे के लिहाज से औपचारिक रह गया था।
पहले टी20 के बाद ईशान किशन चोट के कारण उपलब्ध नहीं थे। उनकी जगह वैभव सूर्यवंशी को दूसरे और तीसरे टी20 में खेलने का मौका मिला। सूर्यवंशी ने इन दो मुकाबलों में 4 और 45 रन बनाए। तीसरे मैच में वह अर्धशतक से चूक गए थे।
चौथे टी20 से पहले ईशान किशन की वापसी हुई और टीम ने सूर्यवंशी को प्लेइंग-11 से बाहर कर दिया। इसी फैसले पर आकाश चोपड़ा ने सवाल उठाया।
आकाश चोपड़ा ने पूछा- क्या चोट लगने पर ही मिलेगा मौका?
अपने यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए आकाश चोपड़ा ने कहा कि अगर ईशान किशन फिट होकर लौटे हैं, तो चयन के लिहाज से सूर्यवंशी का बाहर होना समझ में आता है, क्योंकि उन्हें चोटिल खिलाड़ी की जगह टीम में शामिल किया गया था। लेकिन सीरीज पहले ही भारत के नाम हो चुकी थी और चौथा मुकाबला औपचारिक था। ऐसे में युवा खिलाड़ी को मौका दिया जा सकता था।
चोपड़ा ने सवाल उठाया कि क्या सूर्यवंशी को सिर्फ तभी खिलाया जाएगा, जब कोई दूसरा खिलाड़ी चोटिल हो या उपलब्ध न हो। उन्होंने कहा कि अगर टीम में उसके लिए नियमित जगह नहीं है, तो उसे घरेलू क्रिकेट खेलने के लिए वापस भेज देना चाहिए।
फर्स्ट क्लास क्रिकेट खेलने से मिलेगा अनुभव
आकाश चोपड़ा ने सूर्यवंशी के विकास के लिए नियमित मैच खेलने को जरूरी बताया। उनके मुताबिक, भारतीय टीम के ड्रेसिंग रूम में रहने से युवा खिलाड़ी को अनुभव जरूर मिलता है, लेकिन लंबे समय तक मैदान पर बल्लेबाजी का मौका नहीं मिलने से उसकी मैच प्रैक्टिस प्रभावित हो सकती है।
उन्होंने टीम मैनेजमेंट से कहा कि सूर्यवंशी के लिए स्पष्ट रोडमैप होना चाहिए। अगर टीम ने उसके भविष्य को लेकर कोई योजना बनाई है, तो उसे सार्वजनिक रूप से बताना चाहिए, ताकि चयन को लेकर भ्रम की स्थिति न रहे।
ईशान किशन की वापसी रही निराशाजनक
चौथे टी20 में ईशान किशन की वापसी भी उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। वह न्यूजीलैंड के 260 रन के बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए बिना खाता खोले आउट हो गए। भारतीय टीम 172 रन पर 9 विकेट गंवाकर मुकाबला हार गई।
हालांकि, भारत शुरुआती तीन मैच जीतकर सीरीज पहले ही अपने नाम कर चुका था। इस हार से सीरीज के नतीजे पर असर नहीं पड़ा, लेकिन सूर्यवंशी को बाहर रखने के फैसले ने युवा खिलाड़ियों को मौके देने की नीति पर बहस शुरू कर दी।
युवा खिलाड़ी के भविष्य पर स्पष्टता जरूरी
आकाश चोपड़ा की टिप्पणी का मुख्य मुद्दा सिर्फ एक मैच में सूर्यवंशी को बाहर रखने का नहीं, बल्कि टीम में उनकी दीर्घकालिक भूमिका का है। दो मुकाबलों में खेलने के बाद उन्हें फिर बाहर कर दिया गया। ऐसे में सवाल है कि क्या टीम मैनेजमेंट उन्हें भविष्य की योजनाओं में शामिल कर रहा है या फिलहाल केवल वैकल्पिक खिलाड़ी के तौर पर देख रहा है।
सूर्यवंशी जैसे युवा खिलाड़ी के लिए नियमित मैच खेलना और अंतरराष्ट्रीय ड्रेसिंग रूम का अनुभव हासिल करना, दोनों महत्वपूर्ण हैं। अब देखना होगा कि टीम मैनेजमेंट आगामी मुकाबलों और भविष्य की सीरीज में उन्हें कितने अवसर देता है।