लखनऊ ट्रिपल मर्डर केस: मुख्य आरोपी की रिमांड की तैयारी, दो आरोपी फरार
लखनऊ , 29 अक्टूबर 2026 | उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सआदतगंज इलाके में हुए तिहरे हत्याकांड की जांच तेज हो गई है। पुलिस मुख्य आरोपी ऋषभ शुक्ला को पुलिस कस्टडी रिमांड (PCR) पर लेने की तैयारी कर रही है। जांच अधिकारियों का उद्देश्य वारदात से पहले और बाद की घटनाओं की कड़ियां जोड़ना, गोलीबारी में अन्य आरोपियों की भूमिका का पता लगाना और हथियार से जुड़े तथ्यों की जांच करना है। इस मामले में अब तक छह आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि दो आरोपी अभी फरार हैं।
नौबस्ता के ब्राह्मणी टोला में शक्तिभवन से स्टेनो से रिटायर्ड शिवाजी तिवारी (62) पत्नी उषा और बेटे सुयश (30) के साथ रहते थे। वह आरएसएस के पूर्व जिला कार्यवाह पश्चिम भी रहे थे। उनके छोटे भाई शिवेन्द्र तिवारी (55), पत्नी रुचि और बेटी सुमेधा भी रहते थे। रुचि के मुताचिक सोमवार सुबह 10:35 बजे शिवेन्द्र मंदिर में पूजा करने जा रहे थे। आरोपित राजेश शुक्ला, ऋषभ, गिरीश, दिनेश, मुन्ना, दिव्या, प्रिया, अदिति और अन्य लोगों ने उन्हें घेर लिया। आरोपितों ने कार खड़ी करने को लेकर गाली-गलौज शुरू कर दी थी।
पार्किंग विवाद में गई तीन लोगों की जान
यह घटना 26 अक्टूबर 2026 को लखनऊ के सआदतगंज थाना क्षेत्र के नौबस्ता स्थित ब्राह्मणी टोला में हुई थी। शुरुआती जांच के अनुसार, खाली जमीन पर कार खड़ी करने और बरगद के पेड़ के आसपास चबूतरा बनाने को लेकर दो पड़ोसी परिवारों के बीच विवाद चल रहा था।
सोमवार सुबह विवाद बढ़ने पर कथित तौर पर मारपीट और पथराव हुआ, जिसके बाद गोलीबारी की गई। इस घटना में शिवाजी तिवारी, उनके छोटे भाई शिवेंद्र तिवारी उर्फ शंभू और शिवेंद्र के भतीजे सुयश तिवारी की मौत हो गई। पुलिस ने मुख्य आरोपी ऋषभ शुक्ला को घटना के दिन ही गिरफ्तार कर लिया था।
पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी
पुलिस अब ऋषभ शुक्ला को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेने के लिए अदालत में आवेदन करने की तैयारी कर रही है। रिमांड के दौरान उससे वारदात के घटनाक्रम, गोली चलाने की परिस्थितियों, हथियार की व्यवस्था और अन्य आरोपियों की कथित भूमिका के बारे में पूछताछ की जा सकती है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, तीनों मृतकों के शरीर पर गोली लगने के दो-दो घाव मिले। शुरुआती बैलिस्टिक आकलन में करीब 10 राउंड फायरिंग की आशंका जताई गई है। पुलिस बरामद पिस्तौल और कारतूसों की फॉरेंसिक जांच भी करा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि बरामद हथियार का इस्तेमाल वारदात में हुआ था या नहीं।
छह आरोपी गिरफ्तार, दो की तलाश जारी
पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी ऋषभ शुक्ला के अलावा सतीश शुक्ला उर्फ मुन्ना बाबू, गिरिश कुमार शुक्ला, दिनेश शुक्ला, प्रिया शुक्ला और अदिति शुक्ला को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, कुल आठ लोगों को मामले में नामजद किया गया है।
दो आरोपी अभी फरार हैं। इनमें ऋषभ के चाचा राजेश शुक्ला और उसकी बहन दिव्या शुक्ला का नाम सामने आया है। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि गोलीबारी के दौरान किसने क्या भूमिका निभाई और हथियार व कारतूस किस तरह उपलब्ध हुए। आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
आरोपी के घर पर भी हुई कार्रवाई
हत्याकांड के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने मुख्य आरोपी से जुड़े परिसर को सील किया और उसकी चारदीवारी गिरा दी। प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, भवन के नक्शे की स्वीकृति से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है। आगे की कार्रवाई नियमानुसार पूरी की जाएगी।
इसके अलावा, मामले की गंभीरता को देखते हुए सआदतगंज थाना प्रभारी संतोष कुमार आर्य और कश्मीरी मोहल्ला चौकी प्रभारी अजय कुमार चौरसिया को निलंबित किया गया था। पुलिस प्रशासन मामले की जांच और कानून-व्यवस्था पर नजर बनाए हुए है।
फॉरेंसिक जांच और फरार आरोपियों की तलाश पर जोर
पुलिस अब हथियार की फॉरेंसिक जांच, घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और आरोपियों के बयानों के आधार पर वारदात की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी है। मुख्य आरोपी की रिमांड मिलने पर पूछताछ से यह स्पष्ट करने में मदद मिल सकती है कि विवाद किस तरह हिंसा में बदला और अन्य आरोपियों की भूमिका क्या थी।
फिलहाल दो आरोपियों की गिरफ्तारी और पुलिस रिमांड की मंजूरी इस मामले की जांच के अहम अगले चरण हैं। पुलिस की जांच पूरी होने और अदालत में साक्ष्य पेश किए जाने के बाद ही मामले के सभी पहलुओं पर स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।