रेलवे का डिजिटल टिकटिंग अभियान: काउंटरों पर पोस्टर, RailOne ऐप से MST बनाने की अपील
फरीदाबाद, 22 अक्टूबर 2026।भारतीय रेलवे यात्रियों को डिजिटल माध्यम से टिकट बुक करने और भुगतान करने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। हरियाणा के फरीदाबाद और पलवल क्षेत्र में रेलवे ने ऑनलाइन टिकटिंग का आंकड़ा बढ़ाकर 30 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए रेलवे स्टेशनों के टिकट काउंटरों पर जागरूकता पोस्टर लगाए गए हैं और क्यूआर कोड के जरिए भुगतान को बढ़ावा दिया जा रहा है।
नवभारत टाइम्स की 22 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, संबंधित क्षेत्र में फिलहाल लगभग 20 से 22 प्रतिशत टिकटों की बुकिंग ऑनलाइन हो रही है। रेलवे का प्रयास है कि यात्रियों को डिजिटल विकल्पों की जानकारी देकर ऑनलाइन टिकटिंग का इस्तेमाल बढ़ाया जाए। विभाग नकद लेनदेन कम करने और टिकट काउंटरों पर भीड़ घटाने पर भी जोर दे रहा है।
नकद लेनदेन कम से कम करने पर जोर
रेलवे सूत्रों ने बताया कि विभाग की ओर से नकद लेनदेन कम से कम करने पर जोर दिया जा रहा है। इसके लिए यात्रियों को ऑनलाइन टिकट बुकिंग और डिजिटल भुगतान के विकल्प अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। रेलवे का मानना है कि ऑनलाइन व्यवस्था को बढ़ावा देने से टिकट काउंटरों पर भीड़ कम होगी और यात्रियों को टिकट लेने में सहूलियत मिलेगी।
एमएसटी को लेकर हो रहा विवाद
ऑनलाइन टिकटिंग को बढ़ावा देने की कोशिशों के बीच मासिक सीजन टिकट बनवाने को लेकर यात्रियों और काउंटर कर्मचारियों के बीच विवाद की स्थिति भी सामने आ रही है। रोजाना ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों के लिए एमएसटी जरूरी होती है। ऐसे में अब टिकट काउंटरों पर यात्रियों को डिजिटल प्रक्रिया अपनाने के लिए कहा जा रहा है, जबकि कई यात्री काउंटर से ही टिकट बनवाना चाहते हैं। इसे लेकर पलवल, असावटी और न्यूटाउन स्टेशनों पर विवाद होने की भी बात सामने आ रही है।
RailOne ऐप से बनवा सकते हैं मासिक सीजन टिकट
रोजाना ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों के लिए मासिक सीजन टिकट (MST) उपयोगी होता है। रेलवे यात्रियों को RailOne ऐप के माध्यम से सीजन टिकट बनवाने और उसका नवीनीकरण करने के लिए भी प्रोत्साहित कर रहा है।
ऐप में लॉगिन करने के बाद अनारक्षित टिकट से जुड़े विकल्पों में जाकर सीजन टिकट चुना जा सकता है। इसके बाद नया पास बनवाने या पुराने पास का नवीनीकरण करने का विकल्प चुनकर आवश्यक जानकारी भरनी होती है। भुगतान पूरा होने के बाद टिकट ऐप में उपलब्ध हो जाता है। यात्रियों को बुकिंग के दौरान ऐप में दिए गए निर्देशों और टिकट की शर्तों का पालन करना चाहिए।
MST को लेकर यात्रियों और कर्मचारियों के बीच विवाद
डिजिटल टिकटिंग को बढ़ावा देने की कोशिशों के बीच मासिक सीजन टिकट को लेकर कुछ स्टेशनों पर यात्रियों और टिकट काउंटर कर्मचारियों के बीच विवाद की खबरें भी सामने आई हैं। रिपोर्ट के अनुसार, पलवल, असावटी और न्यूटाउन स्टेशनों पर इस मुद्दे को लेकर असहमति की स्थिति बनी।
रोजाना सफर करने वाले कुछ यात्री काउंटर से ही पास बनवाना चाहते हैं, जबकि रेलवे डिजिटल प्रक्रिया अपनाने के लिए जागरूकता बढ़ा रहा है। ऐसे में यात्रियों को ऑनलाइन सुविधा की जानकारी देना और उनकी व्यावहारिक दिक्कतों का समाधान करना महत्वपूर्ण होगा।
ऑनलाइन टिकटिंग से यात्रियों को क्या फायदा होगा?
ऑनलाइन टिकट बुकिंग और डिजिटल भुगतान से यात्रियों को कई सुविधाएं मिल सकती हैं:
- टिकट के लिए काउंटर पर कतार में लगने की जरूरत कम हो सकती है।
- QR कोड से भुगतान करने पर नकद और खुले पैसों की परेशानी घट सकती है।
- RailOne ऐप के जरिए उपलब्ध टिकटिंग सुविधाओं का इस्तेमाल मोबाइल से किया जा सकता है।
- डिजिटल प्रक्रिया बढ़ने से टिकटिंग व्यवस्था को अधिक सुविधाजनक बनाने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, नेटवर्क की समस्या, डिजिटल भुगतान में तकनीकी रुकावट और ऐप इस्तेमाल करने में कठिनाई जैसे मुद्दों पर भी ध्यान देना होगा। यात्रियों के लिए उपलब्ध वैकल्पिक टिकटिंग व्यवस्था की जानकारी स्पष्ट रहना भी जरूरी है।
फरीदाबाद और पलवल क्षेत्र में ऑनलाइन टिकटिंग का प्रतिशत 20–22 से बढ़ाकर 30 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इस दिशा में पोस्टर, QR कोड और RailOne ऐप के प्रचार के जरिए यात्रियों को डिजिटल विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
अब यह देखना होगा कि जागरूकता अभियान से ऑनलाइन टिकटिंग और डिजिटल भुगतान के इस्तेमाल में कितना बदलाव आता है। रेलवे के लिए लक्ष्य हासिल करने के साथ-साथ यात्रियों को सुविधाजनक विकल्प देना और तकनीकी समस्याओं का समाधान करना भी अहम रहेगा।