दिल्ली में 52 KM लंबा यमुना रिवरफ्रंट, जानें पूरा प्लान

पल्ला से कालिंदी कुंज तक दो चरणों में विकसित करने की योजना; वॉकिंग ट्रैक, साइकिल ट्रैक, खेल मैदान और हरित सार्वजनिक स्थान बनाने का प्रस्ताव।

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नई दिल्ली, 21 अक्टूबर 2026। दिल्ली में यमुना नदी के किनारे विकास को लेकर एक नई योजना सामने आई है। दिल्ली सरकार अहमदाबाद के साबरमती रिवरफ्रंट की तर्ज पर राजधानी में लगभग 52 किलोमीटर लंबे नदी क्षेत्र को विकसित करना चाहती है। इसका उद्देश्य लोगों को घूमने-फिरने, साइकिल चलाने, योग करने और खेल गतिविधियों के लिए बेहतर सार्वजनिक स्थान उपलब्ध कराना है।

जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह के अनुसार, परियोजना के लिए साबरमती रिवरफ्रंट डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। परियोजना की योजना तैयार करने के लिए सलाहकार भी नियुक्त किए जा रहे हैं।

प्रस्तावित परियोजना को दो चरणों में विकसित किया जाएगा। पहला चरण पल्ला से वजीराबाद तक होगा, जबकि दूसरे चरण में वजीराबाद से कालिंदी कुंज तक के क्षेत्र को शामिल किया जाएगा। सरकार पहले चरण को प्राथमिकता देने की तैयारी में है।

योजना में पैदल चलने के रास्ते, साइकिल ट्रैक, खेल मैदान और खुले सार्वजनिक स्थान शामिल हैं। हालांकि, परियोजना का अंतिम स्वरूप, निर्माण की विस्तृत समयसीमा और जरूरी मंजूरियां अभी स्पष्ट होना बाकी हैं।

यमुना की सफाई इस योजना की सफलता के लिए महत्वपूर्ण होगी। सरकार के अनुसार, दिल्ली के 37 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में से 28 को उन्नत किया गया है। इसके अलावा सीवेज शोधन क्षमता बढ़ाने के लिए अतिरिक्त 250 मिलियन गैलन प्रतिदिन (MGD) क्षमता विकसित करने की योजना है।

रिवरफ्रंट का विकास करते समय बाढ़ के खतरे, नदी के प्राकृतिक प्रवाह, पर्यावरण और यमुना के बाढ़ क्षेत्र की सुरक्षा को ध्यान में रखना होगा। परियोजना का वास्तविक लाभ इस बात पर निर्भर करेगा कि नदी की सफाई और विकास कार्य कितने प्रभावी ढंग से लागू किए जाते हैं।

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