कैथल , 20 अक्टूबर 2026 | हरियाणा के कैथल जिले के कलायत में मिलावटी पनीर और दूध की सूचना पर CIA पुलिस तथा खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने छापेमारी की। मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को की गई इस कार्रवाई के दौरान मौके से करीब 8 क्विंटल पनीर और 5 हजार लीटर स्किम्ड मिल्क मिला। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर संदेह होने पर विभाग ने नमूने लेकर जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हालांकि, पनीर और दूध में मिलावट की पुष्टि प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद ही होगी।
सीआईए कलायत के इंचार्ज मनीष कुमार और खाद्य सुरक्षा अधिकारी (डीएफएसओ) अभिषेक शर्मा की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। यहां बड़ी मात्रा में पनीर और स्किम्ड मिल्क मिला। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने उत्पादों की गुणवत्ता की जांच के लिए दूध और पनीर के कुल तीन सैंपल भरे हैं। सैंपलों की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।
पैकिंग की तारीख को लेकर सामने आया मामला
छापेमारी के दौरान पनीर के पैकेटों पर लिखी पैकिंग तारीख भी जांच के दायरे में आई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 19 अक्टूबर को पैक किए गए पनीर के पैकेटों पर 20 अक्टूबर की तारीख अंकित की जा रही थी। टीम ने मौके पर मौजूद उत्पादों और पैकिंग से संबंधित जानकारी की जांच की। अब यह पता लगाया जाएगा कि तारीख में अंतर किस वजह से था और क्या इस मामले में खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन हुआ है।
कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग ने पनीर और दूध के कुल तीन नमूने लिए। इन नमूनों को प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद ही उत्पादों की वास्तविक गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन की स्थिति स्पष्ट होगी।
यदि जांच में मिलावट या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल, केवल बड़ी मात्रा में पनीर और दूध मिलने से मिलावट साबित नहीं होती। जांच रिपोर्ट इस मामले में अहम होगी।
CIA और खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त कार्रवाई
इस कार्रवाई में CIA कलायत के प्रभारी मनीष कुमार और जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी अभिषेक शर्मा की टीम शामिल रही। गुप्त सूचना के आधार पर की गई जांच का उद्देश्य संदिग्ध खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और पैकिंग संबंधी तथ्यों का पता लगाना था।
त्योहारों के दौरान पनीर और दूध जैसे खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच और नमूनों का परीक्षण उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। अधिकारियों की आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।
कलायत में हुई इस छापेमारी के बाद अब सबकी नजर खाद्य पदार्थों की प्रयोगशाला रिपोर्ट पर है। रिपोर्ट से पता चलेगा कि बरामद पनीर और स्किम्ड मिल्क निर्धारित मानकों के अनुरूप हैं या नहीं। साथ ही, पैकिंग तारीख से जुड़े मामले की जांच भी आगे बढ़ाई जा सकती है।