नई दिल्ली, 21 अक्टूबर 2026। भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौता (FTA) 20 अक्टूबर 2026 से लागू हो गया है। इस समझौते का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ावा देना, निर्यात के नए अवसर तैयार करना और निवेश संबंधों को मजबूत करना है। इससे भारतीय कारोबारियों, किसानों, छोटे उद्योगों और विनिर्माण क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी पहुंच बढ़ाने का अवसर मिल सकता है।
भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार, समझौते के तहत न्यूजीलैंड भारतीय निर्यात की सभी टैरिफ श्रेणियों पर शुल्क-मुक्त पहुंच देगा। इससे कपड़ा, परिधान, चमड़े के उत्पाद, जूते, इंजीनियरिंग सामान, दवाइयों और प्रसंस्कृत कृषि उत्पादों जैसे क्षेत्रों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
इस समझौते के तहत भारत भी न्यूजीलैंड से आने वाले कई उत्पादों पर आयात शुल्क में कटौती करेगा या उसे समाप्त करेगा। हालांकि, सभी उत्पादों पर एक जैसी छूट नहीं होगी। कुछ वस्तुओं के लिए चरणबद्ध शुल्क कटौती, निर्धारित शर्तें और विशेष प्रावधान लागू होंगे।
समझौते में निवेश और सेवाओं से जुड़े अवसरों को भी महत्व दिया गया है। न्यूजीलैंड ने अगले 15 वर्षों में भारत में 20 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश को सुविधाजनक बनाने की प्रतिबद्धता जताई है। इसके अलावा, पेशेवरों, विद्यार्थियों और युवाओं की आवाजाही से जुड़े प्रावधान भी शामिल हैं।
दोनों देशों ने वर्ष 2030 तक वस्तुओं और सेवाओं के द्विपक्षीय व्यापार को लगभग 35 हजार करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।
हालांकि, समझौते का वास्तविक लाभ इस बात पर निर्भर करेगा कि भारतीय कंपनियां न्यूजीलैंड के बाजार में कितनी प्रभावी ढंग से अपने उत्पाद पहुंचाती हैं। कुल मिलाकर, यह समझौता भारत के निर्यात विस्तार और दोनों देशों के आर्थिक सहयोग को नई दिशा देने वाला कदम है।