अंकिता भंडारी केस अपडेट: CBI से मिले माता-पिता, हरीश रावत पर FIR

उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित VIP की भूमिका की जांच को लेकर परिवार ने CBI से संपर्क किया। वहीं, दुष्यंत गौतम की राज्यपाल नियुक्ति के विरोध में देहरादून में हुए प्रदर्शन के बाद कांग्रेस नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।

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देहरादून, उत्तराखंड, 17 अक्टूबर 2026। उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में एक बार फिर जांच और राजनीतिक विरोध को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। 17 अक्टूबर को प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, अंकिता के माता-पिता ने दिल्ली स्थित केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के मुख्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। परिवार ने मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जानकारी साझा की और कथित VIP की भूमिका की जांच पर जोर दिया।

CBI ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया

CBI के प्रवक्ता के अनुसार, अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी और मां सोनी देवी ने वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। अधिकारियों ने उन्हें आश्वासन दिया कि मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष और न्यायसंगत तरीके से जांच की जाएगी।

CBI ने कथित VIP की भूमिका की जांच के लिए अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है। हालांकि, किसी व्यक्ति की संलिप्तता को लेकर लगाए गए आरोपों और जांच में साबित हुए तथ्यों के बीच अंतर करना जरूरी है।

परिवार ने नार्को टेस्ट कराने की मांग की

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अंकिता के माता-पिता ने पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर का नार्को टेस्ट कराने के लिए CBI निदेशक को लिखित अनुरोध दिया है। यह मांग कथित VIP का नाम सामने आने से जुड़े वायरल ऑडियो को लेकर उठाई गई है।

फिलहाल, उपलब्ध रिपोर्टों में इन दोनों का नार्को टेस्ट कराए जाने की पुष्टि नहीं हुई है। यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि नार्को टेस्ट अपने आप में अदालत में प्रत्यक्ष साक्ष्य का दर्जा नहीं रखता।

हरीश रावत समेत 30 कांग्रेस नेताओं पर FIR

अंकिता भंडारी मामले को लेकर दुष्यंत गौतम की सिक्किम के राज्यपाल के रूप में नियुक्ति के विरोध में कांग्रेस नेताओं ने देहरादून में प्रदर्शन किया था। 16 अक्टूबर को प्रकाशित रिपोर्टों के मुताबिक, इस प्रदर्शन के संबंध में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल और अन्य नेताओं समेत कुल 30 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई।

रिपोर्टों के अनुसार, मामला लोक भवन की ओर निकाले गए प्रदर्शन से संबंधित है। FIR दर्ज होना अपने आप में किसी व्यक्ति का अपराध साबित नहीं करता; मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।

अंकिता भंडारी हत्याकांड की पृष्ठभूमि

19 वर्षीय अंकिता भंडारी ऋषिकेश के पास एक रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करती थीं। सितंबर 2022 में उनकी हत्या का मामला सामने आया था। मई 2025 में कोटद्वार की अदालत ने इस मामले के तीन आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।

वर्तमान विवाद कथित VIP की भूमिका से जुड़े अलग जांच पहलू और परिवार की मांगों पर केंद्रित है। CBI की जांच पूरी होने या किसी नए व्यक्ति की संलिप्तता साबित होने की घोषणा उपलब्ध रिपोर्टों में नहीं की गई है।

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