पटना, 17 अक्टूबर 2026 । बिहार की राजनीति में मोकामा से जेडीयू विधायक अनंत सिंह के एक बयान ने पुरानी घटना को फिर सुर्खियों में ला दिया है। अनंत सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का साथ देने की वजह से उन्हें बड़ी कीमत चुकानी पड़ी और उनके नौ लोग मारे गए। बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका मतलब यह नहीं था कि उन्होंने नौ लोगों की हत्या करवाई, बल्कि वे अपने लोगों की मौत की बात कर रहे थे। उनका इशारा साल 2004 में पटना जिले के बाढ़ क्षेत्र के लदमा गांव में हुई पुलिस और उनके गिरोह के सदस्यों के बीच मुठभेड़ की ओर था। उस घटना में अनंत सिंह के आठ कथित सहयोगियों और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के एक जवान की मौत हुई थी।
अनंत सिंह का विवादास्पद बयान, फिर सफाई
मोकामा के जेडीयू विधायक अनंत सिंह के दिए बयान ने राज्यभर में सनसनी फैला दी। उन्होंने कहा कि उन्होंने नीतीश कुमार के लिए 9 लोगों का बलिदान दिया है। बयान की शैली ऐसी थी कि लोगों ने कयास लगाने शुरू कर दिए कि उन्होंने नीतीश कुमार के हित में मर्डर करवाए थे। मामला तूल पकड़ते ही अनंत सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाकर अपनी बात का अर्थ समझाया और 2004 के घटनाक्रम का संदर्भ दिया।
2004 का लदमा एनकाउंटर और पुलिस कार्रवाई
2 अगस्त 2004 की सुबह पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल स्थित लदमा गांव में एसटीएफ और पटना पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की थी। अपराधियों की ओर से किसी बड़ी वारदात की साजिश रचने की सूचना पर पुलिस वहां पहुंची थी। पुलिस की चुनौती के बाद अपराधियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने भी 50 से अधिक राउंड गोलियां चलाईं। ये भीषण मुठभेड़ करीब छह घंटे तक चली, जिसमें अनंत सिंह गिरोह के आठ सदस्य मौके पर ही ढेर हो गए। इसी एनकाउंटर का जिक्र अनंत अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कर रहे थे।
मारे गए आठ लोगों के नाम क्या थे?
समाचार रिपोर्टों में अनंत सिंह के गिरोह से जुड़े जिन आठ लोगों के मारे जाने का उल्लेख है, उनके नाम इस प्रकार बताए गए हैं:
- भीम सिंह
- डेनी
- चिंटू कुमार
- गणेश कुमार
- बाल्मीकि सिंह
- सुनील कुमार
- रजनीश
- सुरेंद्र कहार उर्फ बिट्ठल
रिपोर्टों के अनुसार, उस समय पुलिस इन लोगों को हत्या, अपहरण, डकैती, लूट और रंगदारी जैसे मामलों में तलाश रही थी। ये पुलिस और मीडिया रिपोर्टों में लगाए गए आरोपों का विवरण है; प्रत्येक व्यक्ति के खिलाफ मामलों की कानूनी स्थिति अलग-अलग हो सकती है।
लालू यादव की सरकार पर अनंत सिंह ने क्या आरोप लगाया?
अनंत सिंह ने आरोप लगाया कि नीतीश कुमार के साथ जाने के बाद तत्कालीन सरकार ने उनके खिलाफ कार्रवाई की और उनके घर पर STF भेजी गई। उन्होंने यह भी दावा किया कि नीतीश कुमार का साथ देने के कारण उन्हें राजनीतिक और व्यक्तिगत नुकसान उठाना पड़ा।
उस समय बिहार में राबड़ी देवी मुख्यमंत्री थीं और RJD सत्ता में थी। हालांकि, अनंत सिंह के आरोपों और उस समय हुई पुलिस कार्रवाई के बीच राजनीतिक संबंध को लेकर उनके बयान को स्वतंत्र रूप से सिद्ध तथ्य नहीं माना जा सकता। मुठभेड़ में हुई मौतों का ऐतिहासिक घटनाक्रम और उसके पीछे के राजनीतिक कारण दो अलग-अलग पहलू हैं।