नई दिल्ली/चंडीगढ़, 17 अक्टूबर 2026| पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले कार्यकर्ता परविंदर सिंह उर्फ झोटा की हत्या के मामले में केंद्र सरकार ने पंजाब सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 16 अक्टूबर को राज्य के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर घटना की परिस्थितियों और अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी मांगी।
रिपोर्टों के अनुसार, मानसा में 13 अक्टूबर को झोटा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह क्षेत्र में नशीले पदार्थों और नशीली दवाओं के कथित अवैध कारोबार के खिलाफ आवाज उठाते थे। घटना के बाद पंजाब में विरोध प्रदर्शन हुए और मामले की निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठी।
केंद्र ने पंजाब सरकार से नशा नियंत्रण के लिए वर्ष 2026-2029 की कार्ययोजना के तहत उठाए गए कदमों का विवरण भी मांगा है। इस योजना में एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स को मजबूत करना, वित्तीय जांच, अभियोजन व्यवस्था में सुधार और नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों की सुनवाई को प्रभावी बनाना शामिल है।
इस मुद्दे पर केंद्र और पंजाब सरकार के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हुई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य में नशे और संगठित अपराध को लेकर सवाल उठाए, जबकि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र की जिम्मेदारी पर पलटवार किया।
अब मामले में राज्य सरकार की रिपोर्ट और जांच की प्रगति पर नजर रहेगी। फिलहाल, हत्या के पीछे की परिस्थितियों और जिम्मेदार लोगों को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।