गुरुग्राम, 08 अक्टूबर 2026 । हरियाणा के गुरुग्राम स्थित ताऊ देवी लाल स्टेडियम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का आधिकारिक हेलिकॉप्टर चार दिनों तक खड़ा रहा। इसके चलते स्टेडियम के एथलेटिक्स ट्रैक और अंदर के सिंथेटिक ग्राउंड को सुरक्षा कारणों से बंद कर दिया गया और राज्य स्तरीय खिलाड़ियों को नियमित अभ्यास नहीं करने दिया गया। रिपोर्टों के मुताबिक, मुख्यमंत्री तीन दिवसीय सिंगापुर दौरे पर गए थे और उनकी वापसी तक हेलिकॉप्टर स्टेडियम में ही खड़ा रहा।
सिंगापुर दौरे पर थे सीएम नायब सैनी
दरअसल मुख्यमंत्री तीन दिवसीय सिंगापुर दौरे पर थे। इस दौरान उनका हेलिकॉप्टर गुरुग्राम के ताऊ देवी लाल स्टेडियम में खड़ा रहा। उनके लौटने के बाद बुधवार को हेलिकॉप्टर उन्हें वापस चंडीगढ़ ले गया जिसके बाद खिलाड़ियों को अपना ट्रैक दोबारा मिल सका। खिलाड़ियों के मुताबिक, स्टेडियम में हेलिकॉप्टर खड़ा होने के कारण प्रशिक्षण प्रभावित होने का यह पहला मामला नहीं है। उनका कहना है कि लगभग हर महीने एक या दो दिन हेलिकॉप्टर स्टेडियम में खड़ा रहता है। इससे खिलाड़ियों को नियमित अभ्यास करने में परेशानी होती है।
हेलिकॉप्टर की पार्किंग को लेकर क्या कहा गया?
रिपोर्टों के अनुसार, हेलिकॉप्टर के स्टेडियम में खड़े रहने को लेकर तकनीकी समस्या का भी जिक्र सामने आया है। वहीं अधिकारियों के मुताबिक, सुरक्षा कारणों से ट्रैक को बंद रखना जरूरी था।
स्टेडियम का इस्तेमाल हेलिकॉप्टर के लिए पहले भी होता रहा है। खिलाड़ियों के हवाले से रिपोर्टों में दावा किया गया है कि कई बार हेलिकॉप्टर एक-दो दिनों के लिए यहां खड़ा रहता है।
ताऊ देवी लाल स्टेडियम में हेलिकॉप्टर के इस्तेमाल का मामला नया नहीं है। रिपोर्टों के मुताबिक, मार्च 2020 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के हेलिकॉप्टर के उतरने के लिए क्रिकेट एरिना को ट्रेनिंग सेशन के दौरान खाली कराया गया था।
उस समय भी स्टेडियम प्रबंधन की ओर से प्रशासन को अलग हेलिपैड की व्यवस्था करने के लिए पत्र लिखे जाने की बात सामने आई थी।
इस घटना के बाद खिलाड़ियों और खेल से जुड़े लोगों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि नियमित प्रशिक्षण वाले खेल परिसर में हेलिकॉप्टर की पार्किंग के लिए अलग व्यवस्था क्यों नहीं की जाती। कोचों और खिलाड़ियों का कहना है कि स्टेडियम का प्राथमिक इस्तेमाल खेल प्रशिक्षण के लिए होना चाहिए और वीआईपी मूवमेंट के कारण अभ्यास प्रभावित नहीं होना चाहिए।
हालांकि, मुख्यमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था भी प्रशासन की जिम्मेदारी है। इसलिए मुख्य मुद्दा यह है कि सुरक्षा जरूरतों और खिलाड़ियों की नियमित ट्रेनिंग के बीच ऐसा इंतजाम कैसे बनाया जाए जिससे दोनों प्रभावित न हों।
सोशल मीडिया पर भी उठे सवाल
हेलिकॉप्टर की तस्वीरें सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई लोगों ने सार्वजनिक खेल सुविधा में हेलिकॉप्टर की पार्किंग और उससे खिलाड़ियों की ट्रेनिंग प्रभावित होने पर सवाल उठाए।
वहीं, अधिकारियों की ओर से सुरक्षा प्रोटोकॉल को ट्रैक बंद रखने की वजह बताया गया है। हेलिकॉप्टर हटने के बाद स्टेडियम में खिलाड़ियों की सामान्य ट्रेनिंग फिर शुरू हो गई।
हरियाणा के खेल इंफ्रास्ट्रक्चर पर फिर चर्चा
हरियाणा देश को बड़ी संख्या में अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी देने वाले राज्यों में शामिल है। ऐसे में गुरुग्राम के प्रमुख खेल परिसर में चार दिनों तक एथलेटिक्स ट्रेनिंग प्रभावित होने की घटना ने खेल सुविधाओं के इस्तेमाल और वैकल्पिक हेलिपैड की जरूरत पर चर्चा तेज कर दी है।
फिलहाल खिलाड़ियों की ट्रेनिंग दोबारा शुरू हो चुकी है, लेकिन स्टेडियम में हेलिकॉप्टर के इस्तेमाल को लेकर उठे सवाल भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए अलग व्यवस्था की मांग को सामने ला रहे हैं।