नारनौल, 03 अक्टूबर 2026 । जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में ड्यूटी के दौरान CRPF के इंस्पेक्टर मनोज कुमार के निधन की खबर सामने आई है। सुरक्षा व्यवस्था में तैनात केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवानों और अधिकारियों के लिए यह घटना दुखद बताई जा रही है।
श्रीनगर में CRPF की तैनाती सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे संवेदनशील क्षेत्र में तैनात कर्मी लगातार चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं।
शहीद मनोज कुमार का जन्म 10 अक्तूबर 1976 को गोद गांव के एक प्रतिष्ठित सैनिक परिवार में भगवान सिंह के घर हुआ था। देश सेवा का जज्बा उनके खून में था, यही वजह थी कि वर्ष 2001 में वह ग्रुप सेंटर सीआरपीएफ कादरपुर (गुरुग्राम) से भर्ती होकर देश सेवा के सफर पर निकले थे।
CRPF की श्रीनगर में अहम तैनाती
जम्मू-कश्मीर में CRPF की विभिन्न इकाइयां कानून-व्यवस्था और सुरक्षा संबंधी जिम्मेदारियों में तैनात रहती हैं। CRPF के श्रीनगर स्थित प्रशिक्षण और परिचालन ढांचे के तहत कर्मियों को घाटी की परिस्थितियों के अनुरूप प्रशिक्षण भी दिया जाता है।
ड्यूटी के दौरान किसी सुरक्षा कर्मी की मौत उसके परिवार के साथ-साथ पूरे बल के लिए गंभीर क्षति होती है। CRPF और अन्य केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के कर्मियों के लिए सरकार की ओर से अलग-अलग कल्याणकारी और आर्थिक सहायता की व्यवस्थाएं भी हैं।
गृह मंत्रालय के अनुसार, ड्यूटी के दौरान दुर्घटना में मृत्यु होने पर CAPF कर्मियों के परिजनों के लिए अनुग्रह राशि का प्रावधान है। आतंकवादी हिंसा या शत्रुतापूर्ण कार्रवाई में मृत्यु की स्थिति में अलग प्रावधान लागू होते हैं।
मौत के कारण को लेकर स्थिति स्पष्ट होना बाकी
इस घटना में मौत के वास्तविक कारण से जुड़े विवरण की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। ऐसे में पोस्टमार्टम और संबंधित जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मृत्यु की परिस्थितियां क्या थीं।