क्रिकेट में समय बर्बाद करने की कोशिश अब टीमों पर भारी पड़ सकती है। नए नियमों के तहत यदि बल्लेबाज जानबूझकर समय गंवाता है और निर्धारित समय के भीतर अगली गेंद के लिए तैयार नहीं होता, तो अंपायर विपक्षी टीम के पक्ष में 5 रन की पेनाल्टी दे सकता है। इसका उद्देश्य खेल की गति बनाए रखना और अनावश्यक देरी को कम करना है।
पिंक बॉल से खेलने के लिए दोनों टीमों की टेस्ट शुरू होने से पहले सहमति जरूरी होगी। एक बार फैसला हो जाने के बाद पूरे मैच में उसी गेंद का इस्तेमाल होगा। मैच शुरू होने के बाद रेड से पिंक बॉल पर स्विच नहीं किया जा सकेगा।
मैच के दौरान बल्लेबाज के क्रीज पर पहुंचने, स्ट्राइक लेने और अगली गेंद के लिए तैयार होने में होने वाली देरी पर अंपायर नजर रख सकते हैं। यदि देरी को जानबूझकर समय बर्बाद करने की कोशिश माना जाता है, तो नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।
5 रन की पेनाल्टी से बदल सकता है मैच
क्रिकेट में 5 रन का अंतर कई बार मैच के परिणाम पर सीधा असर डाल सकता है। खासकर करीबी मुकाबलों में ऐसी पेनाल्टी टीम के स्कोर और लक्ष्य को प्रभावित कर सकती है। इसलिए बल्लेबाजों और टीमों को समय संबंधी नियमों का पालन करना होगा।
खेल की रफ्तार बनाए रखना उद्देश्य
क्रिकेट में ओवर रेट और समय प्रबंधन को लेकर पहले से कई नियम लागू हैं। इनका मकसद मुकाबले को तय समय सीमा के भीतर पूरा करना और खिलाड़ियों द्वारा अनावश्यक देरी को रोकना है। समय बर्बाद करने पर पेनाल्टी का प्रावधान इसी दिशा में उठाया गया कदम है।
खिलाड़ियों को रहना होगा सतर्क
नए प्रावधानों के कारण बल्लेबाजों को अगली गेंद के लिए समय पर तैयार रहना होगा। वहीं अंपायरों की भूमिका भी महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि पेनाल्टी लगाने से पहले यह तय करना होगा कि देरी वास्तव में जानबूझकर की गई थी या नहीं।