बिहार MLC चुनाव में बागियों की एंट्री से बदले समीकरण

प्रशांत किशोर की जन सुराज ने बढ़ाई NDA और महागठबंधन की चुनौती

0

पटना, 01 अक्टूबर 2026 ।  बिहार विधान परिषद की 8 सीटों पर होने वाले MLC चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज है। 23 अक्टूबर 2026 को मतदान और 27 अक्टूबर को मतगणना प्रस्तावित है। इस बार मुकाबले में NDA और महागठबंधन के साथ प्रशांत किशोर की जन सुराज भी मैदान में है। टिकट वितरण और उम्मीदवारों को लेकर सामने आ रही अंदरूनी खींचतान ने चुनावी समीकरणों को और चर्चा में ला दिया है।

पटना स्नातक सीट

पटना स्नातक सीट तो कही अंतर्कलह की भेंट न चढ़ जाए। तनातनी का माहौल ऐसा है कि जदयू एमएलसी नीरज कुमार और मोकामा विधायक अनंत सिंह एक दूसर के कट्टर विरोधी बन गए हैं। इन दोनों के बीच संवाद का मतलब बवाल ही है। स्थिति यह है कि जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने यहां से अपने मौजूदा MLC नीरज कुमार को दोबारा मैदान में उतारा है और अनंत सिंह के विरोध के बावजूद भरोसा किया। उधर JDU के ही बाहुबली नेता और विधायक अनंत सिंह एवं उनके गुट ने खुलकर बगावत कर दी है। अनंत सिंह ने तो प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार अनुज सिंह को अपना खुला समर्थन दे दिया है।

NDA के सामने भी सीटों का गणित अहम

NDA में BJP और JDU ने अपने उम्मीदवार घोषित किए हैं। BJP ने पटना स्नातक, कोसी स्नातक, दरभंगा स्नातक और मुजफ्फरपुर शिक्षक सीट के लिए प्रत्याशियों के नाम घोषित किए हैं। JDU ने भी चार सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं। ऐसे में गठबंधन के भीतर सीटों का तालमेल और स्थानीय स्तर के समीकरण चुनाव में महत्वपूर्ण रहेंगे।

महागठबंधन के भीतर भी MLC चुनाव को लेकर सीटों और उम्मीदवारों के सवाल पर मतभेद की खबरें सामने आई हैं। दरभंगा शिक्षक सीट पर लेफ्ट की ओर से उम्मीदवार उतारे जाने के बाद गठबंधन के अंदर रणनीति को लेकर चर्चा हुई।

प्रशांत किशोर की जन सुराज की सक्रियता

प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने भी MLC चुनाव में उम्मीदवार उतारे हैं। पार्टी की ओर से बेरोजगार स्नातकों और शिक्षकों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता दी जा रही है। किशोर ने यह भी कहा है कि जिन सीटों पर जन सुराज के उम्मीदवार जीतेंगे, वहां 10 हजार पढ़े-लिखे युवाओं को रोजगार दिलाने की व्यवस्था की जाएगी।

इस तरह बिहार MLC चुनाव में दलों के आधिकारिक उम्मीदवारों के साथ बागी और निर्दलीय प्रत्याशियों की मौजूदगी भी मुकाबले को प्रभावित कर सकती है। हालांकि इसका वास्तविक चुनावी असर 23 अक्टूबर के मतदान और 27 अक्टूबर के परिणाम के बाद ही स्पष्ट होगा।

Leave A Reply

Your email address will not be published.