गाजियाबाद में हरनंदीपुरम आवासीय योजना की लॉन्चिंग की तैयारी तेज
रेरा नंबर मिलते ही शुरू होगा पहला फेज
गाजियाबाद , 01 अक्टूबर 2026 । गाजियाबाद में प्रस्तावित हरनंदीपुरम आवासीय योजना को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। योजना के पहले फेज को लॉन्च करने के लिए जरूरी प्रक्रिया पर काम चल रहा है। रेरा रजिस्ट्रेशन नंबर मिलते ही हरनंदीपुरम योजना के पहले चरण को औपचारिक रूप से लॉन्च किया जाएगा। इससे इस बहुप्रतीक्षित आवासीय परियोजना के आगे बढ़ने का रास्ता साफ होगा।
इसी माह होगा पहला फेज लॉन्च
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के सचिव विवेक मिश्र के अनुसार रेरा का रजिस्ट्रेशन इस योजना की लॉन्चिंग से पहले अंतिम पड़ाव है। रेरा नंबर आ जाने के बाद अक्टूबर में इस बड़ी आवासीय योजना का पहला फेज लॉन्च हो जाएगा। पहले फेज के तहत 49 हेक्टेयर में आवासीय कॉलोनी विकसित की जाएगी। इसमें गोल्फ कोर्स सहित अन्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
योजना के पहले चरण की लॉन्चिंग को लेकर तैयारियां जारी हैं। इसमें आवासीय विकास के साथ क्षेत्र में सड़क, आधारभूत सुविधाओं और अन्य जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कामों को आगे बढ़ाने की योजना है। परियोजना के अगले चरणों को भी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार विकसित किया जा सकता है।
गाजियाबाद के विस्तार में महत्वपूर्ण योजना
हरनंदीपुरम को गाजियाबाद के विकास और विस्तार से जुड़ी प्रमुख आवासीय योजनाओं में शामिल किया जा रहा है। योजना के विकसित होने से नए आवासीय क्षेत्र के साथ आसपास के इलाकों में भी बुनियादी सुविधाओं और कनेक्टिविटी के विकास को गति मिलने की उम्मीद है।
फिलहाल योजना के पहले फेज की लॉन्चिंग के लिए रेरा रजिस्ट्रेशन नंबर का इंतजार है। नंबर जारी होते ही आगे की प्रक्रिया तेज होने की संभावना है। ऐसे में संभावित खरीदारों और स्थानीय लोगों की नजर रेरा पंजीकरण और योजना की आधिकारिक लॉन्चिंग पर बनी हुई है।
करीब 500 हेक्टेयर भूमि पर बनेगा आवासीय क्षेत्र
हरनंदीपुरम आवासीय योजना को कुल करीब 500 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित किया जाना है। आगे के फेज के लिए भी जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है। हरनंदीपुरम के साथ एयरोसिटी के लिए भी लैंड पूलिंग स्कीम के साथ जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है। इस स्कीम के तहत अब तक 10 से अधिक भूमि मालिकों ने अपनी जमीन देने के लिए सहमति पत्र दिए हैं। एयरोसिटी 231 हेक्टेयर इलाके में विकसित की जानी है। इस प्रोजेक्ट में पहली बार लैंड पूलिंग के साथ अधिग्रहण किया जा रहा है। इसके तहत प्राधिकरण अधिग्रहीत भूमि के एक हिस्से को विकसित करके उसे भू-स्वामी को वापस करेगा।