नई दिल्ली, 28 सितंबर 2026 । दिल्ली में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत जारी नोटिस के बाद बड़ी संख्या में मतदाता अपने पुराने दस्तावेज लेकर चुनाव कार्यालयों और विशेष कैंपों का रुख कर रहे हैं। नाम की स्पेलिंग, मिडिल नेम, जन्मतिथि, माता-पिता के नाम और पुराने मतदाता रिकॉर्ड में अंतर जैसी छोटी-छोटी विसंगतियां भी कई लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही हैं।
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के मुताबिक SIR नोटिस का मतलब अपने आप वोटर लिस्ट से नाम कटना नहीं है। नोटिस का उद्देश्य पुराने और मौजूदा रिकॉर्ड में मिली विसंगतियों को स्पष्ट करना और मतदाता को अपना पक्ष रखने का मौका देना है।
‘उम्र 72 साल, अब मांग रहे पिता के डॉक्यूमेंट्स’
मटियामहल के एंग्लो-अरेबिक स्कूल में बने पोलिंग स्टेशन पर पहुंचीं 72 वर्षीय सुरैया बेगम ने बताया कि एन्यूमरेशन फॉर्म भरा था और अपना नाम भी मैप कराया था। लेकिन, जो जानकारी भरी थी, उसमें उनके पिता के नाम की स्पेलिंग गलत निकली है। अब बीएलओ पिता के डॉक्यूमेंट्स मांग रहे हैं। मेरी उम्र ही 72 वर्ष है। अब पिता के डॉक्यूमेंट्स कहां से लाऊंगी। पिता की मौत बहुत साल पहले हो चुकी है। इसी सेंटर पर मौजूद अरसी बेगम ने बताया कि मेरे पिता नहीं हैं। हम 9 भाई और बहन हैं। सभी ने लास्ट SIR में मां के नाम से मैपिंग कराई है। अब मुझे नोटिस आ गया है। मेरे सारे डॉक्यूमेंट्स सही थे। पता नहीं ऐसा क्यों हुआ। अब मां के डॉक्यूमेंट्स भी मांग रहे हैं। उनके बहुत डॉक्यूमेंट्स हमारे पास नहीं हैं, अब समझ नहीं आ रहा है कि मेरा नाम कैसे जुड़ेगा।
छोटी स्पेलिंग गलती भी बनी परेशानी
SIR कैंपों में पहुंच रहे लोगों की परेशानियों से पता चलता है कि कई मामलों में अंतर बेहद मामूली है। दिल्ली के एक कैंप में एक महिला के रिकॉर्ड में नाम ‘Minu’ दर्ज था, जबकि दूसरे दस्तावेज में ‘Meenu’ लिखा हुआ था। इस तरह की स्पेलिंग विसंगति को लेकर परिवार को दस्तावेज लेकर अधिकारियों के सामने पहुंचना पड़ा।
इसी तरह कुछ परिवारों में शादी के बाद सरनेम बदलने या पुराने रिकॉर्ड में अलग नाम दर्ज होने के कारण नोटिस आया। ऐसे मामलों में लोगों को विवाह प्रमाणपत्र, मार्कशीट और अन्य संबंधित दस्तावेज लेकर कैंप में पहुंचना पड़ रहा है।
वोटरों की बढ़ती समस्याओं को देखते हुए चुनाव आयोग ने दिल्ली के मतदान केंद्रों पर विशेष कैंप शुरू किए हैं। इन कैंपों में BLO मतदाताओं को फॉर्म भरने, दस्तावेज तैयार करने और SIR से जुड़े सवालों का जवाब देने में मदद कर रहे हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक 28 सितंबर तक करीब 29.84 लाख सुनवाई पूरी हो चुकी थीं। वहीं लगभग 31.6 लाख मतदाताओं को नोटिस दिए जाने की जानकारी सामने आई है। BLO को नोटिस पाने वाले मतदाताओं के घर जाकर दस्तावेज लेने और उन्हें ECINet पर अपलोड करने की जिम्मेदारी भी दी गई है।
सिर्फ नाम ही नहीं, पते और रिश्तेदारी का भी मामला
SIR में केवल नाम की स्पेलिंग ही जांच का विषय नहीं है। मतदाता का पता, जन्मतिथि, माता-पिता या अन्य रिश्तेदारों से संबंधित जानकारी में अंतर मिलने पर भी स्पष्टीकरण मांगा जा सकता है।
कुछ मामलों में परिवार के सदस्यों के पुराने और नए पते अलग होने के कारण भी परेशानी सामने आई। एक मामले में पुराने स्थान से दूसरे इलाके में स्थानांतरित परिवार के सदस्यों के नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में नहीं मिलने की शिकायत सामने आई। ऐसे मामलों में Form 6 और संबंधित दस्तावेज जमा कराने को कहा गया।
SIR को लेकर सबसे बड़ी चिंता यही है कि नोटिस मिलने के बाद कहीं वोटर लिस्ट से नाम न हट जाए। दिल्ली CEO कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि नोटिस अपने आप नाम हटाने का आदेश नहीं है। यह रिकॉर्ड में मिली विसंगति की जांच और मतदाता को अपना पक्ष रखने का अवसर देने की प्रक्रिया का हिस्सा है।
मतदाताओं को संबंधित नोटिस में बताए गए कारण के अनुसार आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने होते हैं। इसके बाद संबंधित अधिकारी मामले की जांच करते हैं और रिकॉर्ड को सही करने की प्रक्रिया आगे बढ़ती है।
Form 8 से सुधारी जा सकती हैं कई जानकारियां
मतदाता सूची में मौजूदा प्रविष्टि में सुधार या बदलाव के लिए Form 8 महत्वपूर्ण है। दिल्ली CEO की SIR जानकारी में Form 6, Form 7 और Form 8 समेत संबंधित फॉर्म और दावे-आपत्तियों की व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है। Form 8 का इस्तेमाल मतदाता सूची में प्रविष्टि के संशोधन या निवास स्थान बदलने जैसी परिस्थितियों में किया जाता है।
इसलिए जिन मतदाताओं को नाम, पता या दूसरी जानकारी में गलती दिख रही है, उन्हें नोटिस में दिए निर्देशों के अनुसार संबंधित अधिकारी या BLO से संपर्क करना चाहिए।
दिल्ली में SIR की प्रक्रिया के दौरान दावे और आपत्तियों की सुनवाई जारी है। चुनाव आयोग ने हाल में दावे और आपत्तियां दाखिल करने की समयसीमा 30 अक्टूबर तक बढ़ाई है। इनके निस्तारण की अंतिम तारीख 30 नवंबर और अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की तारीख 4 दिसंबर 2026 बताई गई है।
ऐसे में नोटिस पाने वाले मतदाताओं के लिए जरूरी है कि वे नोटिस में दर्ज कारण को ध्यान से देखें, संबंधित पुराने रिकॉर्ड और वर्तमान दस्तावेज जुटाएं और निर्धारित प्रक्रिया के तहत जवाब या सुधार आवेदन जमा करें।