देहरादून , 26 सितंबर 2026 । उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम ने अचानक करवट ली है। चमोली जिले के बद्रीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब और नीति घाटी में सीजन की पहली बर्फबारी हुई है। बर्फबारी के साथ ही पहाड़ों पर ठंड बढ़ गई है और ऊंची चोटियां सफेद चादर से ढक गई हैं। निचले इलाकों में बारिश का दौर जारी रहने से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है।
यमुनोत्री धाम के आसपास के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी हुई है। मौसम विभाग की ओर से जारी रेड अलर्ट के मद्देनजर उत्तरकाशी जिले में प्रशासन अलर्ट मोड पर है। जिलाधिकारी के निर्देश पर हीना और डोबाटा होल्डिंग पॉइंट्स पर गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम की यात्रा को अस्थायी रूप से रोकने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं बदरीनाथ-केदारनाथ यात्रा सुचारू है।
बारिश के साथ बढ़ी ठंड
ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के साथ निचले इलाकों में बारिश हुई। लगातार बारिश और ठंडी हवाओं के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में तापमान नीचे गया है। मौसम में आए इस बदलाव का असर यात्रा मार्गों पर भी दिखाई दे रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार 26 और 27 सितंबर को उत्तराखंड के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। प्रशासन ने लोगों और यात्रियों से मौसम की स्थिति देखकर यात्रा करने तथा स्थानीय दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
रुद्रप्रयाग जिले में बारिश और कम दृश्यता के कारण केदारनाथ यात्रा भी प्रभावित हुई है। 17 सितंबर को खराब मौसम के चलते केदारनाथ के लिए हेली सेवा अस्थायी रूप से रोक दी गई थी। सोनप्रयाग और गौरीकुंड से केदारनाथ की ओर यात्रियों की आवाजाही भी एहतियातन रोकी गई थी।
केदारनाथ मार्ग के चीरबासा हेलीपैड के आसपास भूस्खलन की आशंका वाले हिस्से को लेकर भी प्रशासन सतर्क रहा है। लगातार बारिश और घने कोहरे के कारण मार्ग से जुड़े काम प्रभावित हुए थे।
श्रद्धालुओं को मौसम देखकर यात्रा की सलाह
चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए मौसम की स्थिति इस समय महत्वपूर्ण हो गई है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश के कारण तापमान में तेजी से बदलाव हो सकता है।
प्रशासन की ओर से यात्रियों को मौसम संबंधी अपडेट लेते रहने और संवेदनशील स्थानों पर अनावश्यक जोखिम नहीं उठाने की सलाह दी जा रही है। केदारनाथ यात्रा मार्ग पर भी मौसम खराब होने की स्थिति में यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोकने की व्यवस्था की जाती है।
सितंबर के अंतिम सप्ताह में ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी को पहाड़ों पर बदलते मौसम का संकेत माना जा रहा है। बद्रीनाथ, हेमकुंड साहिब और नीति घाटी की चोटियों पर बर्फ गिरने के बाद आसपास के इलाकों में ठंड का असर बढ़ गया है।
पहली बर्फबारी देखने के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए यह मौसम आकर्षण का कारण जरूर बन रहा है, लेकिन प्रशासन के लिए यात्रा मार्गों की सुरक्षा और मौसम की निगरानी भी बड़ी प्राथमिकता है।
मौसम विभाग की चेतावनी पर नजर
भारत मौसम विज्ञान विभाग के तीर्थयात्रा क्षेत्र के ताजा अपडेट में जोशीमठ-बद्रीनाथ-हेमकुंड साहिब और रुद्रप्रयाग-केदारनाथ मार्ग के लिए मौसम की स्थिति पर निगरानी जारी है।
ऐसे में चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को यात्रा शुरू करने से पहले स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग के अपडेट की जानकारी लेने की सलाह दी जा रही है।