नशा मुक्त पंजाब यात्रा से पहले रवनीत बिट्टू के काफिले पर हंगामा

पत्थर-अंडे-टमाटर फेंकने का आरोप

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बटाला , 18 सितंबर 2026। पंजाब में बीजेपी की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ शुरू होने से पहले शुक्रवार को बटाला के पास बीजेपी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के काफिले को लेकर विवाद सामने आया। बिट्टू ने आरोप लगाया कि घसीतपुर इलाके में उनके काफिले को रोकने की कोशिश की गई और वाहनों पर पत्थर, अंडे और टमाटर फेंके गए। उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ वाहनों के शीशे क्षतिग्रस्त हुए और भीड़ में कुछ लोगों के पास हथियार थे।

रवनीत बिट्टू ने लगाए आरोप

रवनीत बिट्टू ने आरोप लगाया कि हमले के पीछे आम आदमी पार्टी से जुड़े लोग थे। उन्होंने स्थानीय आप विधायक के समर्थकों पर उन्हें बीजेपी की नशा विरोधी यात्रा में शामिल होने से रोकने की कोशिश का आरोप लगाया। बिट्टू ने घटना को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पंजाब के DGP गौरव यादव से बात करने की जानकारी दी है। उन्होंने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि अगर उन्हें कोई नुकसान होता है तो पंजाब सरकार और पुलिस प्रशासन जिम्मेदार होंगे।

AAP समर्थकों पर लगाया आरोप

रवनीत बिट्टू ने आरोप लगाया कि इस घटना के पीछे आम आदमी पार्टी से जुड़े लोग थे। उन्होंने बटाला के स्थानीय विधायक शैरी कलसी के समर्थकों पर उन्हें यात्रा में शामिल होने से रोकने की कोशिश करने का आरोप लगाया।

हालांकि, इन आरोपों पर दूसरा पक्ष भी सामने आया है। NDTV की रिपोर्ट के अनुसार, AAP की ओर से बिट्टू के वीडियो में दिखाई दे रहे एक व्यक्ति की पहचान जोबन रंधावा के रूप में बताई गई और उसकी ओर से दावा किया गया कि प्रदर्शनकारी शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रहे थे तथा बिट्टू के समर्थकों ने उन्हें निशाना बनाया। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि की जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।

बिट्टू ने सुरक्षा को लेकर उठाए सवाल

घटना के बाद बिट्टू ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई और पंजाब के मुख्यमंत्री तथा डीजीपी की जिम्मेदारी का उल्लेख किया। उन्होंने मामले की तत्काल जांच की मांग की।

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, बिट्टू ने बताया कि उन्होंने पंजाब के डीजीपी गौरव यादव से पहले ही यात्रा के रूट और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बातचीत की थी। घटना के बाद उन्होंने बटाला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से भी मुलाकात की और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए।

बिट्टू के कार्यालय की ओर से दावा किया गया कि उनकी सुरक्षा टीम ने तीन संदिग्ध लोगों को पकड़ा और बाद में उन्हें पंजाब पुलिस के हवाले किया गया। बिट्टू ने इन लोगों के मोबाइल फोन की जांच की मांग की है।

फिलहाल घटना में आरोपों की पुलिस जांच और संभावित FIR को लेकर आगे की आधिकारिक जानकारी महत्वपूर्ण होगी। इसलिए काफिले पर हमला करने वाले लोगों या उनके राजनीतिक संबंधों को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही निकाला जा सकेगा।

4 हजार किलोमीटर की है बीजेपी की यात्रा

बीजेपी ने शुक्रवार को पंजाब में ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ की शुरुआत की। आकाशवाणी के मुताबिक, यह 13 दिनों तक चलने वाली यात्रा करीब 4,000 किलोमीटर की दूरी तय करेगी और राज्य के सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेगी। यात्रा का समापन 30 सितंबर को जालंधर में प्रस्तावित है।

यात्रा का घोषित उद्देश्य पंजाब में नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाना है। बीजेपी ने इसे राज्यव्यापी जनजागरूकता अभियान के रूप में पेश किया है।

यात्रा से पहले राजनीतिक टकराव

नशा मुक्त पंजाब यात्रा को लेकर बीजेपी और पंजाब की सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी सामने आ रहे हैं। ऐसे में बिट्टू के काफिले से जुड़ी घटना ने यात्रा शुरू होने से पहले ही राजनीतिक माहौल को और चर्चा में ला दिया है।

फिलहाल मुख्य सवाल घटना की जांच, सुरक्षा व्यवस्था और काफिले पर पथराव तथा अन्य वस्तुएं फेंके जाने के आरोपों की पुष्टि से जुड़ा है। पुलिस की जांच और आधिकारिक कार्रवाई से घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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