हरियाणा , 16 सितंबर 2026। हरियाणा के दिल्ली-NCR वाले जिलों में पुराने और End-of-Life Vehicles (ELV) को लेकर सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। 1 अक्टूबर 2026 से ऐसे वाहनों को ईंधन की आपूर्ति रोकने की योजना है। इसके लिए गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत और झज्जर के पेट्रोल पंपों पर Automated Number Plate Recognition यानी ANPR कैमरे लगाए जाएंगे। हरियाणा सरकार के मुताबिक यह व्यवस्था वायु प्रदूषण कम करने और पुराने वाहनों पर पर्यावरणीय नियमों को लागू करने के लिए की जा रही है।
हरियाणा को आगे चलकर अपनी बड़ी योजना के तहत कुल मिलाकर लगभग 2,780 ANPR कैमरों की जरूरत होगी। ये कैमरे फ्यूल स्टेशनों पर गाड़ियों की नंबर प्लेट को स्कैन करेंगे और उन गाड़ियों की पहचान करेंगे जिनकी कानूनी तौर पर तय चलने की उम्र खत्म हो चुकी है। इससे अधिकारियों को पर्यावरण नियमों का उल्लंघन करके चल रही ऐसी गाड़ियों को रोकने में मदद मिलेगी।
चार जिलों में लगेंगे 775 ANPR कैमरे
हरियाणा परिवहन विभाग के पहले चरण में चार NCR जिलों को शामिल किया गया है। कुल 775 ANPR कैमरे पेट्रोल पंपों पर लगाए जाएंगे। इनमें गुरुग्राम में 249, सोनीपत में 215, झज्जर में 195 और फरीदाबाद में 116 कैमरे लगाने की योजना है। परियोजना पर करीब 41.74 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
सरकार का लक्ष्य 30 सितंबर 2026 तक कैमरों की स्थापना पूरी करना है, ताकि अगले दिन से प्रस्तावित ईंधन प्रतिबंध लागू किया जा सके।
ANPR कैमरा कैसे करेगा काम?
ANPR तकनीक वाहन की नंबर प्लेट को कैमरे के जरिए पढ़ती है। इसके बाद वाहन की पहचान उपलब्ध डिजिटल रिकॉर्ड से मिलाई जा सकती है। इस व्यवस्था का इस्तेमाल End-of-Life Vehicles की पहचान और ईंधन आपूर्ति पर रोक लगाने के लिए किया जाएगा।
इससे पेट्रोल पंप पर वाहन की पहचान प्रक्रिया पहले की तुलना में ज्यादा स्वचालित हो सकती है। सरकार का उद्देश्य केवल कैमरे लगाना नहीं, बल्कि पुराने वाहनों से जुड़े पर्यावरणीय नियमों का तकनीक के जरिए पालन सुनिश्चित करना है।
1 अक्टूबर से क्या बदलेगा?
हरियाणा सरकार के अनुसार 1 अक्टूबर से NCR के संबंधित जिलों में पंजीकृत End-of-Life Vehicles को ईंधन नहीं दिया जाएगा। यह कदम Commission for Air Quality Management यानी CAQM के निर्देशों के अनुरूप बताया गया है।
इसका सीधा असर उन वाहन मालिकों पर पड़ेगा जिनके वाहन सरकार द्वारा निर्धारित End-of-Life श्रेणी में आते हैं। इसलिए वाहन मालिकों के लिए अपने वाहन की वैधता और संबंधित प्रदूषण नियंत्रण नियमों की स्थिति जांचना महत्वपूर्ण होगा।
चार जिलों में गुरुग्राम में सबसे अधिक 249 ANPR कैमरे लगाए जाएंगे। इसके बाद सोनीपत में 215, झज्जर में 195 और फरीदाबाद में 116 कैमरों की व्यवस्था होगी।
इन जिलों का चयन NCR क्षेत्र में होने और वायु प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े उपायों के कारण महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खासकर सर्दियों में NCR में प्रदूषण का स्तर बढ़ने पर वाहनों से होने वाला उत्सर्जन नियंत्रण नीतियों का एक अहम हिस्सा रहता है।
पूरे हरियाणा में करीब 2,780 कैमरों की जरूरत
सरकार के अनुसार भविष्य में पूरे हरियाणा में लगभग 2,780 ANPR कैमरों की जरूरत होगी। मौजूदा 775 कैमरों की व्यवस्था को इस व्यापक योजना का पहला चरण बताया गया है। फिलहाल फोकस गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत और झज्जर जैसे NCR जिलों पर है।
इसका मतलब है कि आने वाले समय में यह तकनीकी निगरानी व्यवस्था अन्य इलाकों तक भी बढ़ सकती है।
पुराने वाहनों पर क्यों बढ़ी सख्ती?
दिल्ली-NCR में वाहन प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए पुराने वाहनों पर लंबे समय से अलग-अलग प्रतिबंध और निगरानी व्यवस्था लागू की जाती रही है। अब हरियाणा सरकार ईंधन की उपलब्धता को वाहन की पर्यावरणीय स्थिति से जोड़ने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
सरकार का कहना है कि ANPR कैमरों की मदद से End-of-Life Vehicles की पहचान अधिक व्यवस्थित तरीके से की जा सकेगी और पर्यावरणीय नियमों का पालन सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
PUC और पुराने वाहन नियमों को लेकर भ्रम से बचना जरूरी
इस नई व्यवस्था को लेकर वाहन मालिकों के बीच PUC और End-of-Life Vehicle नियमों को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है। जुलाई में सामने आई रिपोर्टों में NCR में “No PUC, No Fuel” व्यवस्था के जरिए वैध प्रदूषण प्रमाणपत्र की जांच की बात भी कही गई थी।
वहीं 15 सितंबर को हरियाणा सरकार की ताजा घोषणा विशेष रूप से End-of-Life Vehicles को 1 अक्टूबर से ईंधन नहीं देने और उनके लिए ANPR आधारित पहचान पर केंद्रित है। इसलिए वाहन मालिकों को अपने वाहन की श्रेणी, पंजीकरण स्थिति और वैध PUC से जुड़े मौजूदा नियमों की आधिकारिक जानकारी जरूर जांचनी चाहिए।