उत्तराखंड चुनाव से पहले कांग्रेस का बड़ा दांव

गणेश गोदियाल ने गैरसैंण राजधानी और रोजगार का रखा रोडमैप

0

देहरादून, 15 सितंबर 2026। उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने रोजगार और राजधानी के मुद्दे को लेकर अपना राजनीतिक एजेंडा सामने रखना शुरू कर दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा है कि अगर राज्य में कांग्रेस की सरकार बनती है तो गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग पूरी की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने ऐसे हर परिवार के एक सदस्य को सम्मानजनक रोजगार देने का वादा किया, जिसमें कोई भी व्यक्ति सरकारी सेवा में नहीं है।

मल्लिकार्जुन खरगे की सभा के बाद उस स्थल का शुद्धीकरण किया जाना और प्रदेश BJP अध्यक्ष महेंद्र भट्ट व मुख्यमंत्री का इसे जायज ठहराना निश्चित रूप से एक समाज के प्रति द्वेष की भावना को प्रदर्शित करता है। BJP की यह समाज को बांटने और द्वेष की विचारधारा है। हम इसका विरोध और दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। एफआईआर कांग्रेस के संघर्ष की जीत है, प्रदेश के जनमानस की जीत है।

हर बेरोजगार परिवार से एक व्यक्ति को रोजगार

गोदियाल ने रोजगार के मुद्दे पर भी बड़ा चुनावी वादा किया। उनके मुताबिक, कांग्रेस की सरकार बनने पर ऐसे हर परिवार के एक सदस्य को सम्मानजनक रोजगार दिया जाएगा, जिसमें कोई सरकारी कर्मचारी नहीं है।

उन्होंने राज्य में बेरोजगारी और युवाओं के पलायन को गंभीर समस्या बताते हुए कहा कि रोजगार के अवसर बढ़ाना कांग्रेस की प्राथमिकता होगी। उनका दावा है कि युवाओं को स्थानीय स्तर पर अवसर मिलने से पहाड़ों से होने वाले पलायन को रोकने में मदद मिलेगी।

गणेश गोदियाल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में युवाओं को पर्याप्त रोजगार नहीं मिल रहा है और सरकार रोजगार तथा महिला सशक्तिकरण के मोर्चे पर अपेक्षित काम नहीं कर पाई है।

हालांकि, ये कांग्रेस नेता के राजनीतिक आरोप और चुनावी दावे हैं। इनके जरिए कांग्रेस मौजूदा सरकार के सामने अपना वैकल्पिक राजनीतिक मॉडल पेश करने की कोशिश कर रही है।

हरीश रावत की भूमिका पर भी बोले गोदियाल

कांग्रेस की चुनावी रणनीति पर बातचीत के दौरान गोदियाल ने वरिष्ठ नेता हरीश रावत की भूमिका को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि रावत आज भी पार्टी के महत्वपूर्ण और स्वीकार्य नेताओं में हैं तथा उनके अनुभव का पार्टी को लाभ मिलना चाहिए।

मुख्यमंत्री पद के चेहरे को लेकर गोदियाल ने कहा कि इस संबंध में फैसला पार्टी हाईकमान करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह निर्णय उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता।

उत्तराखंड में रोजगार और पलायन लंबे समय से प्रमुख राजनीतिक मुद्दे रहे हैं। ऐसे में कांग्रेस की ओर से हर ऐसे परिवार के एक सदस्य को रोजगार देने का वादा चुनावी बहस को सीधे युवाओं और रोजगार की ओर ले जा सकता है।

पार्टी का तर्क है कि अगर स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक अवसर बढ़ेंगे तो युवाओं को दूसरे राज्यों की ओर जाने की मजबूरी कम होगी। वहीं गैरसैंण को राजधानी बनाने का मुद्दा पर्वतीय क्षेत्रों के राजनीतिक और प्रशासनिक प्रतिनिधित्व से जुड़ा हुआ है।

सोशल मीडिया और जमीनी संपर्क पर जोर

गोदियाल ने यह भी संकेत दिया कि आगामी चुनाव में कांग्रेस सोशल मीडिया के साथ-साथ सीधे जनता से संपर्क पर विशेष ध्यान देगी। उन्होंने माना कि पिछले चुनाव में बीजेपी की ओर से बनाए गए नैरेटिव का कांग्रेस प्रभावी तरीके से जवाब नहीं दे सकी थी।

अब पार्टी का लक्ष्य सरकार के खिलाफ अपने मुद्दों को पहले से जनता तक पहुंचाना और सोशल मीडिया के जरिए अपना पक्ष मजबूती से रखने का है।

चुनावी रणनीति में कितना असर होगा?

गैरसैंण राजधानी और हर बेरोजगार परिवार से एक व्यक्ति को रोजगार देने के वादे कांग्रेस की चुनावी रणनीति के लिहाज से अहम माने जा रहे हैं। दोनों मुद्दे उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों, युवाओं और रोजगार की तलाश कर रहे परिवारों से सीधे जुड़े हैं।

फिलहाल ये कांग्रेस की ओर से किए गए राजनीतिक वादे हैं। इनकी व्यवहारिक रूपरेखा, पात्रता, रोजगार के प्रकार और वित्तीय व्यवस्था जैसे सवालों पर आगे पार्टी का विस्तृत रोडमैप सामने आना महत्वपूर्ण होगा।

Leave A Reply

Your email address will not be published.