फरीदाबाद, 15 सितंबर 2026। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की चार्जशीट में अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े कथित आतंकी नेटवर्क को लेकर कई गंभीर दावे सामने आए हैं। जांच एजेंसी के मुताबिक, नेटवर्क से जुड़े संदिग्ध लोगों ने युवाओं को कट्टरपंथी विचारधारा की ओर प्रभावित करने और उन्हें आतंकी गतिविधियों के लिए तैयार करने की कोशिश की। चार्जशीट में यह भी आरोप है कि युवाओं को आत्मघाती मिशन के लिए मानसिक रूप से तैयार किया जा रहा था।
बैठकों में बंद कर देते थे फोन
चार्जशीट में इस बात का भी खुलासा किया गया है कि संदिग्ध आतंकियों की बातचीत सिग्नल और टेलीग्राम पर होती थी। जांच एजेंसी ने आरोपियों के डिजिटल उपकरणों और ‘सिग्नल’ ऐप पर हुई बातचीत के रिकॉर्ड का हवाला देते हुए बताया कि नेटवर्क के सदस्य अत्यंत सतर्कता बरतते थे। चैट्स में सुरक्षा एजेंसियों से बचने, मोबाइल फोन बंद रखने, चैट को पूरी तरह गुप्त रखने, स्लीपर सेल तैयार करने और इंटरनेट पर अपनी पहचान छिपाने जैसे विषयों पर चर्चा की जाती थी। एजेंसी का दावा है कि बैठकों के दौरान सभी सदस्य अपने मोबाइल फोन बंद रखते थे ताकि किसी भी तरह की ट्रैकिंग से बचा जा सके।
बैठकों में फोन बंद कराने का दावा
चार्जशीट में कथित नेटवर्क की बैठकों को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, बैठकों के दौरान प्रतिभागियों के मोबाइल फोन बंद करा दिए जाते थे, ताकि बातचीत और गतिविधियों का डिजिटल रिकॉर्ड न रहे। NIA के अनुसार, इस तरह की सावधानियां नेटवर्क की गतिविधियों को गुप्त रखने के लिए अपनाई जाती थीं।
जांच में संचार के लिए सुरक्षित या एन्क्रिप्टेड माध्यमों के इस्तेमाल की बात भी सामने आई है। इससे एजेंसियों को नेटवर्क की संरचना और सदस्यों के बीच संपर्कों की जांच करने में मदद मिली।
पार्क में दिलाई गई आत्मघाती मिशन की शपथ?
NIA चार्जशीट के मुताबिक, एक पार्क में युवाओं को कथित तौर पर आत्मघाती मिशन से जुड़ी शपथ दिलाए जाने का भी दावा है। यह आरोप जांच के सबसे गंभीर पहलुओं में से एक है, क्योंकि इससे संकेत मिलता है कि कथित नेटवर्क युवाओं को केवल वैचारिक रूप से प्रभावित करने तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्हें हिंसक गतिविधियों के लिए तैयार करने की दिशा में भी आगे बढ़ रहा था।
हालांकि, ये सभी बातें NIA की जांच और चार्जशीट में लगाए गए आरोप हैं। अदालत में आरोपों की न्यायिक जांच और सुनवाई की प्रक्रिया अलग चरण में होती है।
A-1 से A-10 तक संदिग्धों की भूमिका
रिपोर्ट के अनुसार, चार्जशीट में A-1 से A-10 तक संदिग्ध आरोपियों की पहचान और उनकी कथित भूमिकाओं का उल्लेख किया गया है। इनमें भर्ती, विचारधारा के प्रचार और कथित आतंकी योजनाओं को आगे बढ़ाने जैसी अलग-अलग भूमिकाएं बताई गई हैं।
NIA की जांच का एक प्रमुख फोकस यह पता लगाना है कि नेटवर्क किस तरह युवाओं तक पहुंच बना रहा था और उसके संपर्कों का दायरा कितना बड़ा था।
अल-फलाह के डॉक्टरों पर भी गंभीर आरोप
इस मामले की जांच में अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े कुछ डॉक्टरों के कथित आतंकी नेटवर्क से संबंधों की बात सामने आई है। NIA की चार्जशीट से जुड़ी रिपोर्टों में आरोप है कि कुछ डॉक्टरों ने कथित नेटवर्क को आगे बढ़ाने में भूमिका निभाई और हथियारों तथा विस्फोटकों के परीक्षण से जुड़ी गतिविधियों में शामिल रहे।
जांच एजेंसी के अनुसार, कथित मॉड्यूल ने फरीदाबाद के अरावली क्षेत्र और अन्य सुनसान स्थानों पर विस्फोटक तथा हथियारों के परीक्षण किए थे। ये आरोप 2025 के लाल किला विस्फोट मामले की जांच से जुड़े हैं।
लाल किला विस्फोट मामले से जुड़ी जांच
NIA की जांच का संबंध नवंबर 2025 में दिल्ली के लाल किले के पास हुए कार विस्फोट से भी है। एजेंसी के मुताबिक, इस मामले में उमर उन नबी को कथित आतंकी मॉड्यूल का ऑपरेशनल इंचार्ज बताया गया है। वह विस्फोट में मारा गया था। NIA के अनुसार, मॉड्यूल ने हथियार, विस्फोटक, फंड और प्रचार सामग्री जुटाने के लिए संगठित तरीके से काम किया।
चार्जशीट में कथित नेटवर्क की गतिविधियों, उसके संपर्कों और युवाओं को जोड़ने की कोशिशों को लेकर जांच एजेंसी ने कई दावे किए हैं। अब जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा नेटवर्क के पूरे विस्तार और उससे जुड़े अन्य संभावित लोगों की पहचान करना है।
जांच के आगे क्या मायने?
NIA की चार्जशीट में सामने आए आरोप सुरक्षा एजेंसियों के लिए इस बात को लेकर चिंता बढ़ाते हैं कि शिक्षण संस्थानों और पेशेवर नेटवर्क के जरिए युवाओं को कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित करने की कोशिश कैसे की जा सकती है। हालांकि, चार्जशीट में लगाए गए आरोपों को अदालत में साबित होना बाकी है।
मामले की आगे की न्यायिक प्रक्रिया में आरोपियों के खिलाफ पेश किए गए सबूतों, गवाहों और डिजिटल तथा फोरेंसिक साक्ष्यों की जांच होगी। इसी प्रक्रिया से यह स्पष्ट होगा कि चार्जशीट में लगाए गए आरोपों में से कौन-कौन से आरोप अदालत में साबित होते हैं।