यूपी चुनाव से पहले योगी का फोकस ‘युवा-महिला कनेक्ट’ पर
योजनाओं और जनसंवाद से मजबूत करेंगे सियासी पकड़
लखनऊ, 10 सितंबर2026 । उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी तैयारियां तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की रणनीति में अब युवाओं और महिलाओं से सीधे जुड़ने पर खास जोर दिखाई दे रहा है। सरकार की योजनाओं, रोजगार, कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण और जमीनी स्तर के संवाद के जरिए इन दोनों बड़े मतदाता वर्गों तक पहुंच बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।
उत्तर प्रदेश में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी ( BJP ) के सभी बड़े नेता फरवरी-मार्च, 2027 में संभावित विधानसभा चुनाव के लिए बूथ-लेवल पर पार्टी को मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। दूसरी तरफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विभिन्न सरकारी योजनाओं के जरिए युवाओं और महिलाओं से सीधे जुड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
50 हजार छात्राओं को स्कूटी देने का ऐलान
युवतियों और छात्राओं को साधने के लिए भी सरकार की ओर से कई घोषणाएं की गई हैं। मुख्यमंत्री ने स्नातक की अंतिम वर्ष की 50 हजार छात्राओं को स्कूटी देने की घोषणा की है। इसके अलावा महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण से जुड़े कदमों को भी सरकार अपने कामकाज के प्रमुख हिस्से के रूप में पेश कर रही है।
सरकार की कोशिश सिर्फ महिला मतदाताओं तक पहुंचने की नहीं, बल्कि परिवारों के स्तर पर भी प्रभाव बढ़ाने की है। छात्राओं, कामकाजी महिलाओं और ग्रामीण महिला समूहों से जुड़े कार्यक्रमों के जरिए अलग-अलग वर्गों तक पहुंच बनाने की रणनीति दिखाई दे रही है।
युवाओं के लिए नौकरी से लेकर स्किल और स्टार्टअप तक फोकस
उत्तर प्रदेश की बड़ी युवा आबादी आगामी चुनाव में अहम भूमिका निभा सकती है। इसी को देखते हुए सरकार रोजगार, कौशल विकास, तकनीक और स्टार्टअप जैसे मुद्दों पर जोर दे रही है। मुख्यमंत्री ने अगले छह महीनों में एक लाख युवाओं को नियुक्ति पत्र देने की बात कही है। इसके साथ ही रोजगारपरक प्रशिक्षण और नई तकनीकों से जोड़ने के कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं।
युवाओं के बीच पहुंच बनाने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल भी बढ़ाया जा रहा है। मुख्यमंत्री के इंस्टाग्राम पर सेल्फी वीडियो और रील के जरिए जनता, खासकर युवा वर्ग से संवाद करने की कोशिश को इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
Gen-Z को जोड़ने की कोशिश
यूपी की राजनीति में पहली बार बड़ी संख्या में Gen-Z मतदाता निर्णायक भूमिका में आने वाले हैं। ऐसे में पारंपरिक राजनीतिक भाषणों के साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म, सोशल मीडिया और रोजगार-कौशल जैसे मुद्दों के जरिए युवा मतदाताओं तक पहुंच बनाने पर जोर है।
बीजेपी संगठन स्तर पर बूथ रणनीति पर काम कर रहा है, जबकि मुख्यमंत्री का फोकस सरकारी योजनाओं और विकास परियोजनाओं के जरिए जमीनी संपर्क बढ़ाने पर है। हाल के महीनों में योगी आदित्यनाथ ने दर्जनों जिलों का दौरा कर बड़ी संख्या में विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया है।
विकास योजनाओं के जरिए भी जनसंपर्क
2027 के चुनाव से पहले योगी सरकार विकास और कानून-व्यवस्था के अपने मॉडल को भी प्रमुखता से जनता के सामने रख रही है। सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास और पर्यटन से जुड़ी परियोजनाओं के जरिए सरकार की उपलब्धियों को प्रचारित किया जा रहा है। मई 2026 से अब तक 44 जिलों के 115 विधानसभा क्षेत्रों में 38 हजार करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास का दावा किया गया है।
इनमें कुछ ऐसे विधानसभा क्षेत्र भी शामिल हैं जहां 2024 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी-कांग्रेस गठबंधन को बढ़त मिली थी। ऐसे क्षेत्रों में मुख्यमंत्री का लगातार दौरा राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
महिलाओं और युवाओं पर क्यों है खास नजर?
उत्तर प्रदेश में महिला और युवा मतदाता किसी भी चुनावी रणनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। महिलाओं के लिए सुरक्षा, सम्मान, रोजगार और कल्याणकारी योजनाएं जहां सीधे परिवारों को प्रभावित करती हैं, वहीं युवाओं के लिए नौकरी, प्रतियोगी परीक्षाएं, स्किल डेवलपमेंट, स्टार्टअप और तकनीकी शिक्षा बड़े मुद्दे हैं।
यही वजह है कि योगी सरकार की मौजूदा रणनीति में इन दोनों वर्गों को अलग-अलग योजनाओं और संवाद माध्यमों से जोड़ने की कोशिश नजर आ रही है। आने वाले महीनों में यह संपर्क अभियान और तेज होने की संभावना है।
चुनावी रणनीति का अगला चरण क्या होगा?
2027 का यूपी विधानसभा चुनाव अभी कुछ समय दूर है, लेकिन राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। बीजेपी जहां संगठन और बूथ स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटी है, वहीं योगी आदित्यनाथ सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों के जरिए जनता के बीच सीधा संपर्क बढ़ा रही है। पार्टी के यूपी प्रभारी विनोद तावड़े ने भी स्पष्ट किया है कि आगामी विधानसभा चुनाव योगी आदित्यनाथ के चेहरे और विकास के मुद्दे पर लड़ा जाएगा।
ऐसे में युवाओं और महिलाओं को केंद्र में रखकर तैयार की जा रही रणनीति आने वाले समय में यूपी की चुनावी राजनीति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है। अब नजर इस बात पर होगी कि सरकारी योजनाओं और सीधे जनसंपर्क की यह रणनीति 2027 के चुनाव में बीजेपी के लिए कितना राजनीतिक लाभ लेकर आती है।