नई दिल्ली, 09 सितंबर2026 । दिल्ली की आजादपुर मंडी में देर रात एक कारोबारी की गोली मारकर हत्या से सनसनी फैल गई। 28 वर्षीय मोहम्मद आलम हरे धनिये का कारोबार करते थे। पुलिस के मुताबिक, न्यू सब्जी मंडी के टीपीटी नगर इलाके में करीब पौने दो बजे उन पर हमला हुआ। गंभीर रूप से घायल आलम को बाबू जगजीवन राम अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटनास्थल से खाली कारतूस और अन्य साक्ष्य भी जुटाए गए हैं।
- मोहम्मद आलम अपने भाई अब्दुल सत्तार और परिवार के साथ जहांगीरपुरी के एच-4 ब्लॉक में रहते थे।
- वह मूलरूप से बिहार के सहरसा के रहने वाले थे और आज़ादपुर मंडी में हरे धनिया का कारोबार करते थे।
- उनके भाई अब्दुल सत्तार के मुताबिक, आलम करीब चार महीने गांव में रहने के बाद हाल ही में दिल्ली लौटे थे।
- सोमवार देर रात वह मंडी में अपनी दुकान पर मौजूद थे। इसी दौरान हेलमेट पहने तीन हमलावर वहां पहुंचे और आलम को निशाना बनाकर गोलियां चलानी शुरू कर दीं।
- अब्दुल सत्तार का आरोप है कि हमलावरों में एक महिला भी शामिल थी।
- गोलीबारी के बाद तीनों हमलावर पैदल ही मौके से फरार हो गए।
- अचानक हुई फायरिंग से मंडी में अफरातफरी मच गई। गंभीर रूप से घायल आलम को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
हेलमेट पहनकर पहुंचे तीन हमलावर
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, वारदात के समय मोहम्मद आलम मंडी में अपनी दुकान पर मौजूद थे। तभी हेलमेट पहने तीन हमलावर वहां पहुंचे और उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। पुलिस जांच में आलम के शरीर पर गोली लगने के सात घाव मिले हैं। हमले के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। परिवार की ओर से दावा किया गया है कि हमलावरों में एक महिला भी शामिल थी, हालांकि आरोपियों की पहचान की आधिकारिक पुष्टि अभी जांच के बाद होनी है।
पुलिस की शुरुआती जांच में कारोबारी रंजिश का एंगल सामने आया है। परिवार वालों ने पूछताछ के दौरान बताया कि आलम का कारोबार को लेकर कुछ लोगों से विवाद चल रहा था और उन्होंने अपने भाई को भी इस बारे में जानकारी दी थी। हालांकि पुलिस इस पहलू के साथ-साथ हत्या के अन्य संभावित कारणों की भी जांच कर रही है। अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि हमले के पीछे वास्तव में कौन था और हत्या की साजिश किसने रची।
बिहार के सहरसा से दिल्ली आए थे आलम
मोहम्मद आलम मूल रूप से बिहार के सहरसा के रहने वाले थे और दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में परिवार के साथ रहते थे। उनके भाई के अनुसार, आलम हाल ही में करीब चार महीने गांव में रहने के बाद दिल्ली लौटे थे। इसके बाद वह फिर से आजादपुर मंडी में अपना कारोबार कर रहे थे। उनकी हत्या से परिवार में मातम है और पुलिस अब उनके संपर्कों तथा पुराने विवादों की जानकारी जुटा रही है।
CCTV फुटेज से हमलावरों तक पहुंचने की कोशिश
हत्या के बाद आदर्श नगर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल की क्राइम टीम और फोरेंसिक टीम ने जांच कर साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस मंडी और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि हमलावरों की गतिविधियों और उनकी पहचान के बारे में सुराग मिल सके। वारदात से पहले और बाद में घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।
मंडी की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल
दिल्ली की बड़ी और व्यस्त सब्जी मंडियों में शामिल आजादपुर मंडी में हुई इस हत्या ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। रात के समय मंडी परिसर में कारोबारी की हत्या और हमलावरों के आसानी से फरार हो जाने से व्यापारियों में चिंता बढ़ना स्वाभाविक है। फिलहाल पुलिस का पूरा ध्यान आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के साथ हत्या की वास्तविक वजह सामने लाने पर है।
जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस को यह पता लगाने की कोशिश करनी होगी कि हमलावरों ने आलम को ही निशाना क्यों बनाया, क्या हत्या पहले से सुनियोजित थी और इसमें कारोबारी विवाद की क्या भूमिका रही। इन सवालों के जवाब आरोपियों की गिरफ्तारी और पूछताछ के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।