नई दिल्ली, 05 सितंबर2026 । दिल्ली के नांगलोई इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। आरोप है कि कुछ युवक एक छात्रा का पीछा कर रहे थे। परेशान छात्रा ने मदद के लिए अपने साथी छात्र ध्रुव से गुहार लगाई। छात्रा को छेड़खानी से बचाने पहुंचे 8वीं के छात्र की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान ध्रुव (14) के रूप में हुई है। ध्रुव नांगलोई के एक स्कूल में पढ़ाई करते थे।
पुलिस ने 3 लोगों को किया गिरफ्तार
परिवार वालों ने बताया जिस छात्रा के साथ आरोपी छेड़छाड़ कर रहे थे, ध्रुव भी उसी छात्रा के स्कूल में पढ़ते थे। वह छात्रा को बचाने गए, तभी आरोपियों ने उन्हें चाकू मार दिया। जांच में चाकू लगने के बाद ध्रुव को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने 3 आरोपियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।
सरवोदय बाल विद्यालय के पास हुई घटना
यह वारदात सरवोदय बाल विद्यालय के आसपास बताई जा रही है। स्कूल आने-जाने वाले छात्रों की सुरक्षा को लेकर भी घटना ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नाबालिग छात्रों के बीच इस तरह की हिंसा सामने आने के बाद अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है।
तीन आरोपी गिरफ्तार
मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस घटना के पीछे की पूरी वजह और आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है। जांच के दौरान घटनास्थल और आसपास के संभावित सबूतों को भी खंगाला जा रहा है।
ध्रुव की बहादुरी की चर्चा
ध्रुव ने कथित तौर पर खुद की सुरक्षा की परवाह किए बिना छात्रा की मदद करने की कोशिश की। उसकी मौत के बाद परिवार और स्थानीय लोगों के बीच उसकी बहादुरी की चर्चा है। यह घटना इस बात को भी सामने लाती है कि किसी व्यक्ति को संकट में देखकर मदद करने की कोशिश कितनी जोखिमपूर्ण हो सकती है, खासकर जब सामने हिंसक हमलावर हों।
परिवार में पसरा मातम
ध्रुव की मौत से उसके परिवार में मातम पसरा हुआ है। उसकी मां ने बेटे को खोने का दर्द साझा करते हुए आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। घटना के बाद परिवार न्याय की उम्मीद लगाए बैठा है।
छात्रों की सुरक्षा पर फिर सवाल
इस घटना ने दिल्ली में स्कूल और आसपास के इलाकों में छात्रों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। छात्राओं से छेड़छाड़ और पीछा करने जैसी घटनाओं को शुरुआती स्तर पर रोकना जरूरी है, ताकि विवाद हिंसक रूप न ले सके। पुलिस और प्रशासन के लिए भी ऐसे संवेदनशील इलाकों में निगरानी और त्वरित कार्रवाई महत्वपूर्ण हो जाती है।