नई दिल्ली, 02 सितंबर2026 । सोने-चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव के बीच कीमती धातुओं के बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। चांदी के भाव में दो दिनों के भीतर करीब ₹9,000 की कमी दर्ज की गई, जबकि सोना भी लगभग ₹4,500 तक सस्ता हुआ। इस गिरावट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोना खरीदने को लेकर की गई अपील भी चर्चा में है। हालांकि, केवल पीएम की अपील को कीमतों में गिरावट का सीधा कारण मानना सही नहीं होगा, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की मजबूती, कच्चे तेल की कीमत और निवेशकों की मुनाफावसूली जैसे कई कारक भी बुलियन मार्केट को प्रभावित करते हैं।
PM मोदी के गैर-जरूरी सोना न खरीदने की अपील का असर
मार्केट एक्सपर्ट अनुज गुप्ता के अनुसार PM नरेंद्र मोदी की अपील के चलते सोने की कीमत पर दबाव देखने को मिल रहा है। इसके अलावा कच्चे तेल की कीमत में तेजी के कारण भी सोने और चांदी में गिरावट आई है।
प्रधानमंत्री मोदी ने हाल में एक बार फिर लोगों से गैर-जरूरी सोना खरीदने से बचने की अपील की है। उन्होंने घरेलू अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और आयात पर निर्भरता कम करने के लिए स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देने की बात कही। इससे पहले मई में भी उन्होंने एक साल तक गैर-जरूरी सोना नहीं खरीदने का आग्रह किया था। सरकार का तर्क है कि सोने के आयात पर बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा खर्च होती है, इसलिए गैर-जरूरी खरीद को टालने से विदेशी मुद्रा बचाने में मदद मिल सकती है।
बाजार में सोने और चांदी की हालिया कमजोरी के पीछे वैश्विक परिस्थितियां भी अहम मानी जा रही हैं। 2 सितंबर को सोने की कीमत में करीब ₹2,000 और चांदी में करीब ₹3,500 तक की गिरावट की रिपोर्ट सामने आई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, डॉलर इंडेक्स की मजबूती और निवेशकों की मुनाफावसूली को भी कीमतों पर दबाव डालने वाले प्रमुख कारणों में गिना जा रहा है।
पीएम मोदी की अपील का असर ज्वेलरी कारोबार से जुड़े शेयरों पर भी देखने को मिला। रिपोर्टों के मुताबिक, टाइटन, स्काई गोल्ड और कल्याण ज्वेलर्स समेत कुछ कंपनियों के शेयरों में गिरावट आई। इससे संकेत मिलता है कि निवेशक सोने की मांग और आने वाले समय में ज्वेलरी कारोबार पर संभावित असर को लेकर सतर्क हैं। हालांकि, शेयर बाजार की चाल को केवल एक बयान से जोड़ना उचित नहीं होगा।
सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट से खरीदारों को राहत जरूर मिल सकती है, लेकिन निवेशकों के लिए बाजार की दिशा अभी भी महत्वपूर्ण है। कीमती धातुओं की कीमतें वैश्विक ब्याज दरों, डॉलर, भू-राजनीतिक तनाव, केंद्रीय बैंकों की खरीद और निवेश मांग जैसे कई कारकों से प्रभावित होती हैं। इसलिए मौजूदा गिरावट के बावजूद आगे कीमतों में फिर तेजी या कमजोरी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
ऐसे में दो दिनों में चांदी के करीब ₹9,000 और सोने के करीब ₹4,500 सस्ते होने की खबर ने बाजार का ध्यान खींचा है। पीएम मोदी की अपील और कीमतों में गिरावट के बीच संबंध को लेकर चर्चा जरूर तेज हुई है, लेकिन बाजार विशेषज्ञों के अनुसार कीमतों की वास्तविक दिशा समझने के लिए घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजार संकेतकों पर नजर रखना जरूरी होगा।