चवन्नी वाले बयान पर संगीत सोम का अखिलेश यादव पर हमला
बोले- 2027 में एक आने का भी नहीं छोड़ेंगे
मेरठ, 28 अगस्त 2026 । उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले जुबानी जंग तेज होती जा रही है। बीजेपी के पूर्व विधायक संगीत सोम ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के ‘चवन्नी’ वाले बयान पर पलटवार करते हुए उन्हें निशाने पर लिया। संगीत सोम ने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी को बड़ा राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
संगीत सोम मेरठ में रक्षाबंधन को लेकर हुए आयोजन में लोगों को संबोधित कर रहे थे। सोम ने अखिलेश के चवन्नी वाले बयान का जिक्र करते हुए कहा कि अखिलेश जी आपको और आपके पिता मुलायम सिंह नेता बनाने वाले चौधरी चरण सिंह जी ही हैं। जो कि किसानों के मसीहा चौधरी चरण सिंह कहलाते हैं। सोम ने कहा कि सभी जाति के लोग चौधरी चरण सिंह जी को मसीहा मानकर पूजते हैं।
अखिलेश यादव के बयान पर पलटवार
अखिलेश यादव की ओर से दिए गए ‘चवन्नी’ वाले बयान के बाद संगीत सोम ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राजनीतिक बयानबाजी से चुनावी जमीन पर वास्तविक स्थिति नहीं बदलती। उन्होंने अखिलेश यादव को 2027 के चुनाव का परिणाम आने तक इंतजार करने की चुनौती भी दी।
‘2027 में एक आने का नहीं छोड़ेंगे’
संगीत सोम ने अपने बयान में कहा कि 2027 में BJP समाजवादी पार्टी को कड़ी चुनौती देगी। उन्होंने तीखे अंदाज में कहा, ‘2027 में आपको एक आने का नहीं छोड़ेंगे।’ उनके इस बयान के बाद यूपी की सियासत में बयानबाजी और तेज होने के आसार हैं।
पश्चिमी यूपी की राजनीति में संगीत सोम की सक्रियता
संगीत सोम पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में बीजेपी के प्रमुख चर्चित चेहरों में रहे हैं। सरधना से विधायक रह चुके सोम लंबे समय से पार्टी की राजनीति में सक्रिय हैं। उनके बयानों का खासतौर पर पश्चिमी यूपी की राजनीतिक बहस में असर देखा जाता रहा है।
2027 पर अभी से सियासी तैयारी
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 में होने हैं, लेकिन प्रमुख राजनीतिक दलों ने अभी से अपनी रणनीति बनानी शुरू कर दी है। बीजेपी जहां संगठन और अपने सामाजिक समीकरण को मजबूत करने पर जोर दे रही है, वहीं समाजवादी पार्टी भी सरकार और बीजेपी पर लगातार राजनीतिक हमले कर रही है।
अखिलेश यादव और संगीत सोम के बीच ताजा बयानबाजी इसी बड़े चुनावी संघर्ष का हिस्सा मानी जा रही है। आने वाले समय में 2027 के चुनाव को लेकर दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तेज होने की संभावना है।