लुटियंस दिल्ली के 100 साल पुराने दिल्ली रेस क्लब पर चला बुलडोजर

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नई दिल्ली, 28 अगस्त 2026 । लुटियंस दिल्ली के मशहूर दिल्ली रेस क्लब पर करीब एक सदी पुराना घुड़दौड़ का दौर खत्म हो गया है। केंद्र सरकार की ओर से की गई कार्रवाई के बाद इस ऐतिहासिक रेसकोर्स परिसर का स्वरूप बदलने की तैयारी है। कभी राजधानी की घुड़दौड़ संस्कृति का प्रमुख केंद्र रहा यह स्थान अब नए सरकारी उपयोग के लिए विकसित किया जाएगा।

पटियाला हाउस कोर्ट ने खारिज की याचिका

मंगलवार को पटियाला हाउस कोर्ट ने क्लब की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें 11 अगस्त को जारी बेदखली आदेश पर अंतरिम रोक लगाने की मांग की गई थी। इसके बाद केंद्र ने लोक कल्याण मार्ग स्थित परिसर का कब्जा ले लिया। क्लब के अधिकारियों के मुताबिक बुलडोजर ने अस्तबल, बुकमेकर्स रिंग, विनिंग पोस्ट, फोटो-फिनिश कैमरा और सैडलिंग एनक्लोजर समेत कई ऐतिहासिक ढांचों को गिरा दिया। क्लब में 250 से अधिक घोड़े थे।

क्यों हुई कार्रवाई?

सरकार की योजना इस भूमि के इस्तेमाल को बदलने की है। रेस क्लब की जमीन और परिसर को लेकर लंबे समय से प्रशासनिक स्तर पर बदलाव की चर्चा चल रही थी। कार्रवाई के बाद पुराने ढांचे को हटाने और क्षेत्र के पुनर्विकास का रास्ता साफ हुआ है।

लुटियंस दिल्ली में बदलेगा इलाका

लुटियंस दिल्ली राजधानी का सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक क्षेत्र है। यहां किसी बड़े भूखंड के इस्तेमाल में बदलाव का असर सिर्फ स्थानीय स्तर पर नहीं बल्कि शहर की पहचान और विरासत से भी जुड़ता है। दिल्ली रेस क्लब के परिसर में प्रस्तावित बदलाव को इसी नजरिए से देखा जा रहा है।

घुड़दौड़ प्रेमियों के लिए बड़ा झटका

रेस क्लब से जुड़े लोगों और घुड़दौड़ प्रेमियों के लिए यह कार्रवाई एक युग के अंत जैसी है। वर्षों से यहां होने वाली रेसिंग गतिविधियों ने दिल्ली की खेल और सामाजिक संस्कृति में अपनी अलग पहचान बनाई थी। अब इस स्थान पर घोड़ों की रफ्तार और रेसिंग का वह माहौल देखने को नहीं मिलेगा।

दिल्ली रेस क्लब पर हुई कार्रवाई ने राजधानी में विकास, सरकारी भूमि के इस्तेमाल और ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण को लेकर बहस भी छेड़ दी है। करीब एक सदी पुराने इस परिसर का भविष्य अब उसके नए उपयोग और पुनर्विकास की योजना पर निर्भर करेगा।

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