पंजाब , 27 अगस्त 2026 । रक्षाबंधन के मौके पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने 1.37 लाख सत्कार सखियों के खातों में कुल 52.20 करोड़ रुपये की सम्मान राशि ट्रांसफर की। मुख्यमंत्री ने इसे भाई की ओर से बहनों के लिए रक्षाबंधन के तोहफे के तौर पर पेश किया। यह राशि महिलाओं तक मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना का लाभ पहुंचाने में अहम भूमिका निभाने वाली सत्कार सखियों को दी गई है।
सीएम ने क्या बताया
इस पहल का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक इस योजना के तहत 76.11 लाख महिलाओं का पंजीकरण हो चुका है, जिनमें से 68.06 लाख महिलाओं के खातों में 2,381 करोड़ रुपए पहले ही ट्रांसफर किए जा चुके हैं। उनकी सरकार ने इस योजना से एक करोड़ महिलाओं को जोड़ने का लक्ष्य रखा है। वहीं सत्कार सखियों को प्रत्येक पंजीकरण के लिए 300 रुपए मिलेंगे, जिससे वे इस पहल के माध्यम से 200 करोड़ रुपए से अधिक की कमाई कर सकेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के कल्याण के लिए पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता दृढ़ रहेगी और जब तक पंजाब में आप सरकार है, ‘मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना’ बंद नहीं होगी।
75 लाख से ज्यादा महिलाओं का हुआ पंजीकरण
मुख्यमंत्री के मुताबिक, सत्कार सखियों के प्रयासों से योजना के तहत 75 लाख से अधिक महिलाओं का पंजीकरण संभव हुआ है। अब तक कुल 76.11 लाख महिलाएं योजना से जुड़ चुकी हैं। इनमें से 68.06 लाख महिलाओं के खातों में 2,381 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता पहुंचाई जा चुकी है।
एक करोड़ महिलाओं को जोड़ने का लक्ष्य
पंजाब सरकार ने मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना के तहत एक करोड़ महिलाओं को जोड़ने का लक्ष्य रखा है। सत्कार सखियों को प्रत्येक सफल पंजीकरण पर 300 रुपये दिए जाएंगे। सरकार के अनुसार, इस पहल से सत्कार सखियों की सामूहिक कमाई 200 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है।
महिलाओं को सीधे बैंक खातों में मिल रही सहायता
योजना के तहत 18 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को 1,000 रुपये की वित्तीय सहायता और अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 रुपये की सहायता देने की व्यवस्था है। राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जा रही है। सरकार ने इस योजना के लिए 9,300 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है।
महिला सशक्तिकरण पर सरकार का जोर
भगवंत मान ने कहा कि आर्थिक सहायता का उद्देश्य महिलाओं को केवल आर्थिक मदद देना नहीं, बल्कि उनके सम्मान, आत्मनिर्भरता और सामाजिक-आर्थिक भागीदारी को मजबूत करना है। उन्होंने सत्कार सखियों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने योजना को पंजाब के घर-घर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
रक्षाबंधन पर 52.20 करोड़ रुपये की यह राशि सत्कार सखियों को दिए गए प्रोत्साहन के तौर पर सामने आई है। पंजाब सरकार का कहना है कि महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण से परिवारों के साथ-साथ समाज में भी उनकी भागीदारी और निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होगी।